बेगूसराय: भाजपा के फायर ब्रांड नेता एवं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सोमवार को बेगूसराय व्यवहार न्यायालय स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में स्वयं उपस्थित हुए. वर्ष 2019 के चर्चित “दो गज जमीन” बयान मामले में हुई सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए पूर्व से प्रभावी जमानत को बरकरार रखा, जबकि व्यक्तिगत उपस्थिति से स्थायी छूट के लिए दायर आवेदन पर फैसला सुरक्षित रख लिया.
विशेष न्यायाधीश विवेक चंद्र वर्मा की अदालत में सुनवाई के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की ओर से अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर ने पक्ष रखा. वहीं अभियोजन की ओर से अभियोजन पदाधिकारी राम सकल सिंह ने सीआरपीसी की धारा-205 के तहत दाखिल आवेदन का पुरजोर विरोध किया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने सांसद गिरिराज सिंह को पूर्व की भांति जमानत पर बने रहने का आदेश दिया. साथ ही व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देने संबंधी आवेदन पर आदेश सुरक्षित रख लिया.
कोर्ट में पेशी के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ गलत और दुर्भावनापूर्ण मुकदमा दर्ज किया गया था. उन्होंने कहा कि पुराने राजनीतिक द्वेष के कारण आचार संहिता के तहत उन पर ऐसी धाराएं लगाई गईं, मानो वे कोई आतंकवादी हों. उन्होंने कहा कि न्यायालय ने पहले भी उन्हें राहत दी थी और आज भी राहत प्रदान की है, जिसके लिए वे अदालत का सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं.
मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर ने बताया कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान बेगूसराय के जीडी कॉलेज मैदान में आयोजित चुनावी सभा में दिए गए भाषण को आधार बनाकर गिरिराज सिंह के खिलाफ धार्मिक विद्वेष फैलाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया गया था. तत्कालीन डीएम राहुल कुमार के निर्देश पर तत्कालीन सीओ मनीष कुमार द्वारा नगर थाना कांड संख्या-221/2019 दर्ज कराया गया था.
अधिवक्ता ने कहा कि इतने वर्षों की जांच के बावजूद मामले में पर्याप्त साक्ष्य सामने नहीं आए हैं. न तो कथित भाषण की कोई प्रमाणिक वॉयस रिकॉर्डिंग उपलब्ध है और न ही कोई सीजर लिस्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई है. उन्होंने कहा कि गिरिराज सिंह केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद कानून और न्यायालय का सम्मान करते हुए स्वयं कोर्ट में उपस्थित हुए हैं.
गौरतलब है कि 6 अप्रैल 2019 को लोकसभा चुनाव के दौरान बेगूसराय के जीडी कॉलेज मैदान में आयोजित चुनावी सभा में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष एवं वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दिए गए कथित बयान को लेकर यह मामला दर्ज किया गया था. हिसुआ थाना क्षेत्र के बजरा निवासी मनीष कुमार के आवेदन पर नगर थाना कांड संख्या-221/2019 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 298, 171(सी), 505(2) तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 एवं 123(3ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
इस बहुचर्चित मामले की सुनवाई के दौरान पहले मूल केस डायरी के गायब होने का मुद्दा भी सामने आ चुका है, जिसके बाद जांच प्रक्रिया और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे थे. अब धारा-205 के आवेदन पर आने वाले न्यायालय के फैसले और मामले की अगली सुनवाई पर राजनीतिक एवं कानूनी हलकों की नजरें टिकी हुई हैं.
रिपोर्ट: हरेराम दास
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