IPL Umpire Salary: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे ज्यादा देखी जाने वाली टी20 लीग है, जिसमें खिलाड़ियों की करोड़ों की सैलरी और बोनस पर चर्चा होती रहती है. लेकिन मैदान पर खड़े अंपायरों की मेहनत और उनकी कमाई पर शायद ही कभी ध्यान दिया जाता है. अंपायर क्रिकेट के नियमों के रखवाले होते हैं और उनके द्वारा लिए गए फैसले लाखों-करोड़ों फैंस की नजरों में होते हैं. ऐसे में आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में अंपायरों की भूमिका और उनकी मेहनत की अहमियत और बढ़ जाती है.
आईपीएल अंपायरों की फीस का खुलासा
आईपीएल में अंपायरों की फीस को लेकर अक्सर चर्चा होती है, क्योंकि उनका काम बेहद चुनौतीपूर्ण और हाई-प्रेशर होता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईपीएल में ऑन-फील्ड अंपायर को हर मैच के लिए लगभग 3 लाख रुपए मिलते हैं. वहीं, थर्ड अंपायर और फोर्थ अंपायर को 2 लाख रुपए प्रति मैच के हिसाब से मिलते हैं. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि एलीट अंपायरों को, जो आईसीसी पैनल के सदस्य होते हैं, प्रति मैच 3.7 लाख रुपए तक मिलते हैं. इसके अलावा, डेवलपमेंट अंपायर को प्रत्येक मैच के बदले 60 हजार रुपए मिलते हैं, जो कि अन्य अंपायरों से काफी कम है, लेकिन फिर भी एक अच्छा आंकड़ा है.
प्लेऑफ और फाइनल में मिलने वाले बोनस
आईपीएल के प्लेऑफ और फाइनल जैसे बड़े मैचों में अंपायरों को मिलने वाला बोनस भी काफी आकर्षक होता है. एलीट अंपायरों को इन महत्वपूर्ण मैचों में 5-8 लाख रुपए तक का बोनस मिल सकता है, और फाइनल मैच में यह राशि और भी बढ़ सकती है. इस बोनस के साथ, अंपायरों की कुल कमाई सीजन के अंत तक काफी अधिक हो जाती है.
आईपीएल सीजन की कुल कमाई
एक अंपायर आईपीएल के पूरे सीजन में औसतन 12-15 मैच अंपायरिंग करता है. इस दौरान उनकी कुल कमाई 25-40 लाख रुपए तक पहुंच सकती है, जो उनके द्वारा की गई मेहनत और दबाव के हिसाब से एक सम्मानजनक राशि है. इसके अलावा, अंपायरों को सीजन रिटेनर के तौर पर लगभग 7.33 लाख रुपए का फिक्स्ड अमाउंट भी मिलता है, साथ ही ट्रैवल, स्टे और अन्य भत्ते भी अलग से मिलते हैं.
आईपीएल और टी20I के मुकाबले फीस में अंतर
टी20 इंटरनेशनल मैचों में अंपायरों को मिलने वाली फीस आईपीएल से काफी कम होती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टी20I मैचों में अंपायरों को प्रति मैच केवल 1.13 से 1.25 लाख रुपए मिलते हैं, जो आईपीएल में मिलने वाली 3 लाख रुपए की फीस से लगभग 2.5 गुना कम है. इसका मतलब यह है कि आईपीएल में अंपायरों को मैच फीस के रूप में बहुत अधिक राशि मिलती है, जो उन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में मिलने वाली फीस से कहीं ज्यादा है.
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