यूक्रेन ने लिया पोलैंड का बदला! रूस पर 221 ड्रोन से किया भीषण हमला, बंदरगाह पर खड़े जहाज में लगी आग

बीती रात यूक्रेन ने रूस के खिलाफ ऐसा हमला किया, जिसे हाल के महीनों का सबसे बड़ा ड्रोन हमला कहा जा रहा है.

Ukraine launched a massive attack on Russia with 221 drones
प्रतिकात्मक तस्वीर/ Social Media

मॉस्को/कीव: पूर्वी यूरोप की जंग एक बार फिर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई है. बीती रात यूक्रेन ने रूस के खिलाफ ऐसा हमला किया, जिसे हाल के महीनों का सबसे बड़ा ड्रोन हमला कहा जा रहा है. एक ही रात में 221 से अधिक ड्रोनों को रूस की सीमा में भेजकर यूक्रेन ने न केवल अपने आक्रामक तेवर दिखाए, बल्कि यह भी संकेत दे दिया कि वह अब पोलैंड पर हुए हमले को अनदेखा नहीं करेगा.

रूस के कई शहरों में गूंजे धमाके

रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, गुरुवार देर रात यूक्रेन की ओर से लॉन्च किए गए कुल 221 ड्रोन रूसी हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए. रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने इनमें से अधिकतर को ब्रांस्क, स्मोलेंस्क, कलुगा, नोवगोरोड, और मॉस्को जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मार गिराया. यह मई के बाद का सबसे बड़ा यूक्रेनी हवाई हमला था.

विशेष रूप से ब्रांस्क और स्मोलेंस्क क्षेत्रों को सबसे अधिक निशाना बनाया गया, जहां ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी 'लुकोइल' के संयंत्रों को टारगेट करने की कोशिश की गई. रूसी अधिकारियों ने बताया कि हमले के बाद कुछ स्थानों पर मलबा बिखरा देखा गया, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई.

रूस के बाल्टिक बंदरगाह पर आग

हमले के दौरान रूस के प्रिमोर्स्क बंदरगाह, जो देश के सबसे बड़े तेल टर्मिनलों में से एक है, पर खड़े एक जहाज में आग लगने की घटना भी हुई. आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. हालांकि इस हमले ने रूस के तेल निर्यात ढांचे की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है.

क्या यह पोलैंड पर हुए हमले का जवाब है?

यूक्रेन के इस जबरदस्त ड्रोन अटैक को दो दिन पहले रूस द्वारा पोलैंड पर किए गए हवाई हमले के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि मंगलवार रात, रूस ने पोलैंड की सीमा में 415 ड्रोन और 40 से अधिक मिसाइलें दागीं. इस हमले के बाद पोलैंड के कई हवाई अड्डों को बंद करना पड़ा और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.

यह पहली बार था जब नाटो के किसी सदस्य देश को इस युद्ध के दौरान सीधे निशाना बनाया गया. पोलैंड ने इसे अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता पर हमला बताया और नाटो से सख्त प्रतिक्रिया की मांग की.

ऐसे में यूक्रेन का रूस पर यह आक्रमण केवल अपनी रक्षा नीति का हिस्सा नहीं लगता, बल्कि एक संदेशात्मक बदला भी है कि वह अब अकेले नहीं है और यदि सहयोगी देशों को चोट पहुंचाई जाएगी, तो जवाब दिया जाएगा.

ड्रोन युद्ध: एक नई रणनीति का केंद्र

यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग में ड्रोन अब सबसे शक्तिशाली हथियार बन चुके हैं. ये सस्ते, तेज और बेहद प्रभावी होते हैं. बीते महीनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे की ऊर्जा सुविधाओं, हवाई अड्डों, और सैन्य अड्डों पर ड्रोन के जरिए जबरदस्त हमले किए हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि यह युद्ध अब पारंपरिक युद्ध से आगे निकल चुका है. यह एक तकनीकी और डिजिटल जंग बन चुकी है, जहां मानव रहित विमान, सटीक GPS, और सैटेलाइट डेटा से फैसले लिए जा रहे हैं.

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