यूक्रेन ने रूस के ऑयल टैंकर पर किया बड़ा हमाला... 'यह विराट है, मदद चाहिए, मेडे... मेडे... मेडे', घबराहट में बोला क्रू

काला सागर एक बार फिर युद्ध की तीव्र हलचल से गूंज उठा है. यूक्रेन ने रूस की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ पर ऐसा हमला बोला है, जिसने मॉस्को की तेल तस्करी की पूरी व्यवस्था को हिला दिया है.

Ukraine attack on russia two oil tanker in a black sea
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काला सागर एक बार फिर युद्ध की तीव्र हलचल से गूंज उठा है. यूक्रेन ने रूस की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ पर ऐसा हमला बोला है, जिसने मॉस्को की तेल तस्करी की पूरी व्यवस्था को हिला दिया है. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को धता बताते हुए चल रहे रूसी तेल परिवहन पर यह अब तक के सबसे बड़े प्रहारों में से एक माना जा रहा है. यूक्रेन की सुरक्षा सेवाओं के अनुसार उनका अत्याधुनिक ‘सी बेबी’ समुद्री ड्रोन ऑपरेशन रूस के दो गैंबिया-फ्लैग वाले तेल टैंकरों—‘विराट’ और ‘काइरोस’ को सफलतापूर्वक निशाना बनाने में कामयाब रहा.

यूक्रेनी सुरक्षा सेवा (SBU) और नौसेना द्वारा किए गए इस संयुक्त ऑपरेशन ने रूस के उस वैकल्पिक व्यापार नेटवर्क को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचकर तेल की आपूर्ति करता रहा है. दोनों टैंकर खाली अवस्था में रूस के नोवोरोस्सिय्स्क पोर्ट की ओर जा रहे थे, जब उन पर ताबड़तोड़ ड्रोन हमले हुए. इससे ठीक एक दिन पहले भी इन्हें निशाना बनाया गया था, जिससे काइरोस के क्रू को तत्काल रेस्क्यू की जरूरत पड़ी थी.

विराट के इमरजेंसी कॉल से मचा हड़कंप

हमले के दौरान टैंकर ‘विराट’ के क्रू की घबराई हुई आवाजें ओपन-फ्रीक्वेंसी रेडियो पर रिकॉर्ड हुईं “यह विराट बोल रहा है… मदद चाहिए! ड्रोन हमला! मेडे… मेडे… मेडे!” ये सिग्नल अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा तंत्र में तुरंत अलर्ट का कारण बने. तुर्की के परिवहन मंत्रालय ने बाद में बयान जारी कर यह पुष्टि की कि टैंकर को शनिवार सुबह अनमैन्ड अंडरवाटर सी व्हीकल्स ने निशाना बनाया था. हमला तुर्की तट से लगभग 35 नॉटिकल मील दूर हुआ.

तुर्की की प्रतिक्रिया और शुरुआती जांच

तुर्की के परिवहन मंत्री अब्दुल्कादिर उरालोग्लू ने कहा कि शुरुआती जांच में बाहरी हमले के स्पष्ट संकेत मिले हैं और यह माइन, रॉकेट, ड्रोन या किसी अंडरवाटर व्हीकल से किया गया प्रहार हो सकता है.उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जहाज को सीमित क्षति हुई है और 20 सदस्यों का पूरा चालक दल सुरक्षित है. टैंकर धीरे-धीरे तट की ओर बढ़ रहा है. रूस की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

यूक्रेन का दावा: दोनों जहाज प्रभावहीन

यूक्रेन का कहना है कि उनके ‘सी बेबी’ ड्रोन ने दोनों रूसी जहाजों को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है और अब वे संचालित अवस्था में नहीं हैं. यह हमला रूस की आर्थिक क्षमता, खासकर उसकी युद्ध फंडिंग मशीनरी को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा बताया गया है.मैरीटाइम रिकॉर्ड के अनुसार, विराट काला सागर में नए आदेशों का इंतजार कर रहा था जब यह हमला हुआ.

प्रतिबंधों में फंसा जहाज और बढ़ता तनाव

विराट पहले किसी अन्य नाम से संचालित होता था और जनवरी में अमेरिका ने उस पर प्रतिबंध लगाए थे. बाद में ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने भी इसी तरह की कार्रवाई की. यूक्रेन की ओर से इसे रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के प्रयास का एक और चरण बताया जा रहा है.तुर्की ने स्पष्ट किया कि हमले उसकी समुद्री सीमा के बाहर हुए हैं, लेकिन यह घटना काला सागर के पहले से ही संवेदनशील माहौल में नए तनाव का कारण बन गई है.यूक्रेन के बढ़ते ड्रोन हमले रूस की नौवहन गतिविधियों को चुनौती दे रहे हैं, और यह टकराव क्षेत्र में बड़े भू-रणनीतिक परिवर्तन की दिशा में इशारा कर रहा है.

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