Ujjain Khade Hanuman Temple: महाकाल की नगरी उज्जैन में इन दिनों खड़े हनुमान जी का मंदिर चर्चा का केंद्र बना हुआ है. मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. खास बात यह है कि मंगलवार और शनिवार के अलावा सामान्य दिनों में भी सुबह से शाम तक भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है. मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार वीडियो और रील सामने आ रही हैं. इसी बीच मंदिर की प्रतिमा को मौजूदा स्थान से हटाकर टंकी चौक के पास नए मंदिर में स्थापित किए जाने की तैयारी ने श्रद्धालुओं के बीच नई बहस छेड़ दी है.
सड़क चौड़ीकरण की योजना में आ रहा मंदिर
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में कई प्रमुख सड़कों और मार्गों के विस्तार की योजनाएं बनाई जा रही हैं. इसी कड़ी में कंठाल से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण प्रस्तावित है. मौजूदा खड़े हनुमान मंदिर का स्थान इसी मार्ग में आ रहा है. प्रशासन की योजना के अनुसार प्रतिमा को वर्तमान जगह से हटाकर टंकी चौक के पास तैयार किए गए नए मंदिर में स्थापित किया जाना है. नए मंदिर का ढांचा लगभग तैयार हो चुका है और वहां स्थापना को लेकर तैयारियां भी की गई थीं. जन्माष्टमी के आसपास प्रतिमा को नई जगह ले जाने की चर्चा थी और मंदिर को फूलों से सजाया भी गया था. हालांकि, प्रतिमा को हटाने की कोशिश के दौरान वह अपनी जगह से नहीं हिली.
प्रतिमा की दिशा बदलने को लेकर उठे सवाल
मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं के बीच सबसे ज्यादा चर्चा प्रतिमा की दिशा को लेकर हो रही है. स्थानीय लोगों के मुताबिक मौजूदा मंदिर में खड़े हनुमान जी दक्षिणमुखी हैं, जबकि टंकी चौक पर प्रस्तावित नए मंदिर में स्थापना के बाद उनका मुख उत्तर दिशा की ओर हो सकता है. श्रद्धालुओं का एक वर्ग इस बदलाव को लेकर असहज है. उनका कहना है कि वर्षों से जिस दिशा में भगवान की पूजा होती आ रही है, स्थान बदलने के साथ प्रतिमा की दिशा भी बदलना धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है. इसी वजह से कई भक्त मंदिर को मौजूदा स्थान पर ही रखने की मांग कर रहे हैं.
श्रद्धालुओं के बीच कई धार्मिक मान्यताएं
स्थानीय भक्त खड़े हनुमान मंदिर को विशेष आस्था का केंद्र मानते हैं. श्रद्धालुओं के बीच मान्यता है कि यहां दर्शन और पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मंदिर से जुड़े ताबीज और झड़नी को लेकर भी लोगों में अलग-अलग धार्मिक विश्वास हैं. कुछ श्रद्धालु इनसे अपनी परेशानियों में राहत मिलने का दावा करते हैं. हालांकि, ये श्रद्धाएं और दावे धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं. मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन को बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी करनी पड़ी है.
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा मंदिर
खड़े हनुमान मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो वायरल हो रहे हैं. कुछ लोग प्रतिमा के अपनी जगह से न हटने को चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा मान रहे हैं. सोशल मीडिया की वजह से मंदिर की चर्चा उज्जैन से बाहर भी पहुंची है और ऐसे श्रद्धालु भी यहां आने लगे हैं, जिन्हें पहले इस मंदिर के बारे में जानकारी नहीं थी. महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचने वाले कई भक्त अब खड़े हनुमान जी के मंदिर में भी दर्शन करने पहुंच रहे हैं.
यहीं रहने दें भगवान- श्रद्धालुओं की मांग
मंदिर परिसर में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से बातचीत के दौरान ज्यादातर लोगों ने प्रतिमा को मौजूदा स्थान पर ही रखने की मांग की. उनका कहना है कि शहर का विकास और सिंहस्थ की तैयारियां जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ लोगों की धार्मिक भावनाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए. श्रद्धालुओं के मुताबिक उज्जैन में विकास कार्यों के चलते पहले भी 60 से ज्यादा मंदिरों को स्थानांतरित किया जा चुका है. ऐसे में उनका तर्क है कि अगर खड़े हनुमान मंदिर को इसी स्थान पर बचाया जा सके तो इससे शहर के विकास पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा.
सहमति से निकाला जा सकता था रास्ता- पुजारी
मंदिर के पुजारी महेश बैरागी के मुताबिक स्थानांतरण को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सशर्त बातचीत हुई थी. उनका कहना है कि अगर शुरुआत से ही सभी पक्षों के साथ चर्चा करके धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखा जाता तो स्थिति इतनी जटिल नहीं होती. पुजारी के अनुसार सोशल मीडिया पर चर्चा बढ़ने के बाद पिछले कुछ दिनों में मंदिर आने वाले भक्तों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. अब देश के अलग-अलग हिस्सों से उज्जैन आने वाले श्रद्धालु भी खड़े हनुमान जी के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं.
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