ईरान तनाव के बीच UAE का बड़ा फैसला, OPEC और OPEC+ से अलग होने का किया ऐलान

UAE OPEC Exit: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बड़ा फैसला लिया है. UAE ने तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC और OPEC+ से बाहर निकलने का निर्णय किया है. यह कदम ऐसे समय में आया है, जब खाड़ी देशों के बीच रिश्तों में खटास की खबरें सामने आ रही हैं.

UAE big decision amid Iran tension announced separation from OPEC and OPEC+
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UAE OPEC Exit: ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बड़ा फैसला लिया है. UAE ने तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC और OPEC से बाहर निकलने का निर्णय किया है. यह कदम ऐसे समय में आया है, जब खाड़ी देशों के बीच रिश्तों में खटास की खबरें सामने आ रही हैं.

OPEC को लग सकता है बड़ा झटका

UAE के इस फैसले को OPEC के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह संगठन लंबे समय से तेल उत्पादन और कीमतों को लेकर एकजुट रहने की कोशिश करता रहा है. इस ग्रुप में सऊदी अरब की अहम भूमिका मानी जाती है, ऐसे में UAE का अलग होना संतुलन बिगाड़ सकता है.

पहले से ही OPEC देश ईरान की तरफ से मिल रही धमकियों और जहाजों पर हमलों के कारण परेशान हैं. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल भेजना मुश्किल हो रहा है. यह रास्ता दुनिया के बड़े हिस्से में तेल और गैस सप्लाई के लिए बहुत अहम है.

UAE सरकार ने क्या कहा

UAE के ऊर्जा मंत्री ने साफ कहा कि यह फैसला पूरी तरह स्वतंत्र रूप से लिया गया है और इसमें किसी दूसरे देश, यहां तक कि सऊदी अरब से भी कोई सलाह नहीं ली गई. सरकार का कहना है कि यह निर्णय देश की तेल उत्पादन नीति और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है. UAE अब अपने राष्ट्रीय हित और बाजार की मांग के हिसाब से फैसले लेना चाहता है.

क्या अमेरिका के लिए फायदेमंद?

UAE का OPEC से बाहर होना डोनाल्ड ट्रंप के लिए फायदेमंद माना जा रहा है. ट्रंप पहले भी OPEC पर तेल की कीमतें बढ़ाने का आरोप लगा चुके हैं और इस संगठन को कमजोर करने की बात कह चुके हैं. OPEC में रूस और सऊदी अरब का ज्यादा प्रभाव माना जाता है, इसलिए UAE के बाहर जाने से इस ग्रुप की ताकत पर असर पड़ सकता है.

OPEC और OPEC क्या हैं

OPEC की स्थापना साल 1960 में हुई थी. इसका मकसद तेल उत्पादन और कीमतों को लेकर नीति बनाना है. शुरुआत में इसमें इराक, ईरान, कुवैत, सऊदी अरब और वेनेजुएला जैसे देश शामिल थे. बाद में इसमें और देश जुड़े. OPEC एक बड़ा ग्रुप है, जिसमें OPEC के देशों के अलावा रूस जैसे अन्य तेल उत्पादक देश भी शामिल हैं. यह ग्रुप मिलकर वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित करता है.

आगे क्या असर होगा

UAE के इस फैसले से तेल बाजार और वैश्विक राजनीति दोनों पर असर पड़ सकता है. पहले से चल रहे तनाव के बीच यह कदम OPEC की एकजुटता को कमजोर कर सकता है और आने वाले समय में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

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