बांग्लादेश में दो और हिंदुओं की हत्या, रिपन साहा को SUV से कुचला, कारोबारी को पीट-पीटकर मार डाला

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं.

Two more Hindus murdered in Bangladesh beaten to death
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बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आई दो गंभीर घटनाओं ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर भी गहरी चिंता पैदा कर दी है.

एक मामले में पेट्रोल पंप पर काम करने वाले एक हिंदू युवक को ईंधन के पैसे मांगने पर SUV से कुचल दिया गया, जबकि दूसरी घटना में एक हिंदू मिठाई कारोबारी की उनकी ही दुकान में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.

पेट्रोल के पैसे मांगने पर SUV से कुचला

पहली घटना बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले के गोलंदा मोड़ इलाके की है. यहां स्थित करीम फिलिंग स्टेशन पर काम करने वाले 30 वर्षीय रिपन साहा की शुक्रवार तड़के दर्दनाक मौत हो गई.

पुलिस के मुताबिक, एक काली SUV ने पेट्रोल पंप पर करीब 3,700 रुपये का ईंधन भरवाया और बिना भुगतान किए वहां से निकलने की कोशिश करने लगी. जब रिपन साहा ने पैसे मांगते हुए गाड़ी रोकने का प्रयास किया और वाहन के सामने खड़े हो गए, तो SUV चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उन्हें कुचल दिया और मौके से फरार हो गया. रिपन की मौके पर ही मौत हो गई.

इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया और स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया.

पूर्व BNP नेता समेत दो गिरफ्तार

घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए SUV को जब्त कर लिया. इसके साथ ही वाहन के मालिक अबुल हाशेम उर्फ सुजन (55) और ड्राइवर कमाल हुसैन (43) को गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस के अनुसार, अबुल हाशेम बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) का पूर्व जिला कोषाध्यक्ष और जूबो दल का पूर्व अध्यक्ष रह चुका है. पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आगे की जांच जारी है.

हिंदू कारोबारी की पीट-पीटकर हत्या

दूसरी दिल दहला देने वाली घटना गाजीपुर जिले से सामने आई है. यहां 55 वर्षीय हिंदू मिठाई कारोबारी लिटन चंद्र घोष उर्फ काली की उनकी ही दुकान में बेरहमी से हत्या कर दी गई.

पुलिस के अनुसार, लिटन चंद्र घोष अपनी दुकान में काम करने वाले 17 वर्षीय नाबालिग कर्मचारी को बचाने की कोशिश कर रहे थे. मामूली कहासुनी के बाद मसूम मिया नामक युवक अपने माता-पिता के साथ दुकान पर पहुंचा, जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया.

इसी दौरान लिटन चंद्र घोष के सिर पर फावड़े से वार किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया. गुस्साए स्थानीय लोगों ने तीनों आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने इस मामले में भी हत्या का केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है.

सत्तापलट के बाद बिगड़े हालात

विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि 2024 में हुए सत्तापलट के बाद से बांग्लादेश में हालात लगातार अस्थिर बने हुए हैं. इस्लामी कट्टरपंथी संगठनों की बढ़ती सक्रियता के कारण हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदायों के खिलाफ हमलों में इजाफा हुआ है.

2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में करीब 1.31 करोड़ हिंदू रहते हैं, जो देश की कुल आबादी का लगभग 8 प्रतिशत हैं.

मानवाधिकार संगठनों की चिंता

धार्मिक भेदभाव और हिंसा के खिलाफ काम करने वाले संगठन बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद ने देश में अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है.

परिषद के अनुसार, दिसंबर 2025 में ही सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज की गईं, जो हालात की गंभीरता को साफ तौर पर दर्शाती हैं.

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