IPL 2026: 17 साल का इंतजार, फिर लगातार दो ट्रॉफी... RCB ने कैसे तय किया 'चोकर्स' से चैंपियन का सफर?

एक समय ऐसा था जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का नाम आते ही शानदार खिलाड़ियों की लंबी फेहरिस्त और अधूरी उम्मीदें याद आती थीं. टीम कई बार फाइनल और प्लेऑफ तक पहुंची, लेकिन आईपीएल ट्रॉफी हमेशा उससे दूर रही.

Two consecutive IPL trophies RCB journey from chokers to champion
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IPL 2026: एक समय ऐसा था जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का नाम आते ही शानदार खिलाड़ियों की लंबी फेहरिस्त और अधूरी उम्मीदें याद आती थीं. टीम कई बार फाइनल और प्लेऑफ तक पहुंची, लेकिन आईपीएल ट्रॉफी हमेशा उससे दूर रही. 17 वर्षों तक खिताब का इंतजार करने वाली आरसीबी ने पहले आईपीएल 2025 और फिर आईपीएल 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. अब टीम उन चुनिंदा फ्रेंचाइजियों में शामिल हो गई है, जिन्होंने लगातार दो सीजन में चैंपियन बनने का कारनामा किया है.

आईपीएल 2025 से पहले आरसीबी ने बड़ा फैसला लेते हुए फाफ डुप्लेसिस को रिलीज कर दिया और कप्तानी की जिम्मेदारी युवा बल्लेबाज रजत पाटीदार को सौंप दी. शुरुआत में इस फैसले पर सवाल उठे, क्योंकि टीम का नेतृत्व ऐसे खिलाड़ी को दिया गया था जिसके पास कप्तानी का ज्यादा अनुभव नहीं था.

हालांकि रजत ने अपने शांत स्वभाव, स्पष्ट रणनीति और टीम को साथ लेकर चलने की क्षमता से सभी को प्रभावित किया. उन्होंने दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया और टीम को नई दिशा दी. वरिष्ठ खिलाड़ियों के अनुभव और अपने नेतृत्व कौशल के दम पर उन्होंने वह उपलब्धि हासिल की, जिसका इंतजार आरसीबी के फैंस वर्षों से कर रहे थे.

ऑक्शन में भावनाओं नहीं, जरूरतों को प्राथमिकता

आरसीबी की सबसे बड़ी समस्या वर्षों तक संतुलित टीम का अभाव रही थी. टीम अक्सर बड़े नामों पर दांव लगाती थी, लेकिन कमजोर विभागों को नजरअंदाज कर देती थी.

आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में फ्रेंचाइजी ने अपनी रणनीति बदली. तेज गेंदबाजी को मजबूत करने के लिए जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों को जोड़ा गया. वहीं टिम डेविड को फिनिशर की भूमिका के लिए टीम में शामिल किया गया. इसके अलावा क्रुणाल पांड्या और रोमारियो शेफर्ड जैसे ऑलराउंडरों ने टीम को अतिरिक्त मजबूती प्रदान की.

यही संतुलन अगले दो सीजन में टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया.

एक खिलाड़ी पर निर्भरता से मिली आजादी

आरसीबी की पुरानी पहचान यह रही थी कि टीम अक्सर कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर रहती थी. यदि स्टार खिलाड़ी नहीं चले, तो पूरी टीम दबाव में आ जाती थी.

लेकिन 2025 और 2026 के सीजन में तस्वीर बदल गई. विराट कोहली, रजत पाटीदार, टिम डेविड, क्रुणाल पांड्या और अन्य खिलाड़ियों ने अलग-अलग मौकों पर जिम्मेदारी संभाली. बल्लेबाजों के न चलने पर गेंदबाजों ने मैच जिताए और गेंदबाजों के महंगे साबित होने पर बल्लेबाजों ने टीम को संभाला.

इस सामूहिक प्रदर्शन ने आरसीबी को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और खतरनाक टीम बना दिया.

संतुलित टीम ने दिलाई लगातार सफलता

रजत पाटीदार की कप्तानी में आरसीबी ने केवल मैच जीतने पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि एक ऐसी टीम बनाई जिसमें हर खिलाड़ी अपनी भूमिका को अच्छी तरह समझता था. यही कारण रहा कि टीम दबाव वाले मुकाबलों में भी बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रही.

लगातार दो खिताब जीतना इस बात का प्रमाण है कि आरसीबी ने अपनी पुरानी गलतियों से सीख ली और एक व्यवस्थित टीम संस्कृति विकसित की.

फैंस का भरोसा भी बना रहा बड़ी ताकत

खिताब न जीत पाने के बावजूद आरसीबी हमेशा आईपीएल की सबसे लोकप्रिय टीमों में शामिल रही है. टीम की ब्रांड वैल्यू और फैन फॉलोइंग कभी कम नहीं हुई. फैंस ने मुश्किल दौर में भी टीम का साथ नहीं छोड़ा.

अब वही टीम, जो कभी ट्रॉफी के लिए संघर्ष करती नजर आती थी, लगातार दूसरी बार चैंपियन बनकर आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजियों में अपनी जगह मजबूत कर चुकी है.

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