इस्तांबुल: फिलीपींस में भारी तबाही के ठीक एक दिन बाद, अब तुर्की की धरती भी बृहस्पतिवार को हिल गई. दोपहर के वक्त जब लोग अपने कामों में व्यस्त थे, तभी अचानक धरती डोलने लगी और लोगों में अफरा-तफरी मच गई. इस्तांबुल और उत्तर-पश्चिमी तुर्की के कई हिस्सों में मध्यम तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, जिससे लोग दहशत में घरों और इमारतों से बाहर भागने लगे.
खाली कराई गईं स्कूल और इमारतें
तुर्की की आपात सेवाओं के अनुसार, भूकंप के झटकों के बाद कई स्कूलों को खाली कराया गया, और लोग खुद ही इमारतों से बाहर निकल आए. हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी तरह के जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन लोगों की घबराहट और सतर्कता की वजह से शहर भर में चिंता का माहौल बना रहा.
तीव्रता 5.0 मापी गई
तुर्की की आपदा एवं आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (AFAD) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.0 दर्ज की गई और इसका केंद्र तेकिरदाग प्रांत के पास मरमारा सागर में था. यह भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:55 बजे आया, जो भारत में शाम 5:25 बजे के आसपास महसूस किया गया होता.
धरती के नीचे 6.71 किलोमीटर की गहराई पर था केंद्र
एजेंसी ने बताया कि भूकंप का केंद्र 6.71 किलोमीटर गहराई में था. यह गहराई अपेक्षाकृत कम मानी जाती है, जिससे झटके सतह पर ज्यादा तीव्र महसूस होते हैं. हालांकि इसका प्रभाव सीमित क्षेत्र में रहा और इस्तांबुल सहित प्रमुख शहरों में किसी बड़े नुकसान की रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है.
इस्तांबुल में भूकंप को लेकर चिंता बरकरार
इस्तांबुल, जहां 1.6 करोड़ से ज्यादा की आबादी रहती है, पहले से ही बड़े भूकंप के जोखिम में गिना जाता है. निजी चैनल NTV की रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप के बाद कई नागरिक तुरंत बाहर निकल आए. कई विद्यालयों में छात्रों को सावधानी के तौर पर कक्षाओं से बाहर लाया गया. हालांकि, शहर के गवर्नर ऑफिस ने पुष्टि की है कि अब तक किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है.
फिलीपींस में एक दिन पहले भूकंप से 72 मौतें
गौरतलब है कि तुर्की से पहले फिलीपींस में भी बड़ा भूकंप आया था जिसमें 72 लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में एशिया में भूकंपीय गतिविधियों की बढ़ती तीव्रता चिंता का विषय बनती जा रही है.
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