पाकिस्तान के दक्षिणी वजीरिस्तान में TTP का बड़ा हमला, सेना की बस को उड़ाया, 12 जवानों की मौत

पाकिस्तान के अशांत दक्षिणी वज़ीरिस्तान क्षेत्र में एक बार फिर आतंकवाद ने अपना भयावह चेहरा दिखाया है.

TTP blows up army bus in Pakistan South Waziristan
प्रतिकात्मक तस्वीर/ Social Media

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अशांत दक्षिणी वज़ीरिस्तान क्षेत्र में एक बार फिर आतंकवाद ने अपना भयावह चेहरा दिखाया है. बदर घाटी के ऊपरी हिस्से में एक सैन्य काफिले को निशाना बनाकर हुए विस्फोट में पाकिस्तानी सेना के कम से कम 12 जवान मारे गए हैं, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. यह हमला हाल के वर्षों में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा बलों पर हुआ सबसे घातक हमला माना जा रहा है.

हमले ने ली 12 सैनिकों की जान

सेना के प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आतंकियों ने एक सैन्य वाहन को निशाना बनाते हुए जोरदार विस्फोट किया. विस्फोट इतना जबरदस्त था कि बस के परखच्चे उड़ गए और सैनिकों को प्रतिक्रिया का मौका तक नहीं मिला. घायलों को तुरंत पास के सैन्य अस्पताल में ले जाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है.

स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध था और इसे इतनी तेजी से अंजाम दिया गया कि सुरक्षाबलों को संभलने का भी वक्त नहीं मिला.

टीटीपी ने ली हमले की जिम्मेदारी

इस हमले की जिम्मेदारी कुख्यात आतंकी संगठन तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली है. संगठन ने एक बयान जारी कर दावा किया कि उनके लड़ाकों ने हमले के दौरान सेना के जवानों से हथियार भी छीन लिए.

टीटीपी लंबे समय से पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ हिंसक संघर्ष में लिप्त है और विशेष रूप से सीमावर्ती इलाकों में अपने नेटवर्क को मजबूत बनाए हुए है.

क्षेत्र में बढ़ती असुरक्षा पर चिंता

घटना के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना सुरक्षाबलों को दें.

यह हमला उस समय हुआ है जब पाकिस्तान पहले ही सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों में, जहां आतंकवादी गुटों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं.

अफगान सीमा से सटे इलाकों में हलचल

विशेषज्ञों का मानना है कि अफगान तालिबान के 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता में लौटने के बाद से पाकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों में तेज़ी आई है. हालांकि अफगान तालिबान और टीटीपी अलग-अलग संगठन हैं, लेकिन दोनों के बीच वैचारिक और रणनीतिक रिश्ते कायम रहे हैं.

पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि टीटीपी को अफगानिस्तान की धरती से संचालित होने की छूट दी जा रही है, जबकि काबुल प्रशासन इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है.

सुरक्षा एजेंसियों के लिए बढ़ती चुनौती

साल 2024 में ही पाकिस्तान ने आतंकी हिंसा के मामलों में एक दशक का सबसे घातक वर्ष देखा था. इस्लामाबाद स्थित सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज (CRSS) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में देश भर में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में 1,600 से अधिक मौतें हुईं, जिनमें से लगभग आधे से अधिक सुरक्षा बलों के जवान थे.

इसके अलावा, समाचार एजेंसी एएफपी के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 की शुरुआत से अब तक खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवादी हमलों में लगभग 460 लोग मारे जा चुके हैं.

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