रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव के बीच एक बार फिर दोनों देशों के नेताओं के बीच जुबानी जंग देखने को मिली है. इस बार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पर तंज कसते हुए उनके उस बयान का मज़ाक उड़ाया है, जिसमें उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की बात कही थी. जेलेंस्की ने यह बयान टॉमहॉक मिसाइलों की सप्लाई और युद्ध विराम की संभावनाओं को लेकर दिया था.
मॉस्को में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पुतिन ने जेलेंस्की के सुझाव को "मूर्खतापूर्ण" करार दिया. उन्होंने कहा कि नोबेल समिति को यूक्रेन के राष्ट्रपति की सलाह की कोई ज़रूरत नहीं है और न ही उनकी राय को कोई तवज्जो दी जाती है. पुतिन ने यह भी कहा कि किसी को शांति पुरस्कार देना और हथियार सप्लाई जैसी बातों को जोड़ना न केवल तर्कहीन है, बल्कि यह कीव सरकार के राजनीतिक स्तर को भी दर्शाता है.
क्या कहा था जेलेंस्की ने?
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में कहा था कि अगर डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलों की आपूर्ति करते हैं और रूस के साथ चल रहे युद्ध को खत्म कराने में मदद करते हैं, तो वह ट्रंप के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन का समर्थन करेंगे. जेलेंस्की के इस बयान के बाद पुतिन का यह तीखा पलटवार सामने आया है.
रूसी विदेश मंत्रालय ने भी दी चेतावनी
टॉमहॉक मिसाइलों की सप्लाई को लेकर रूस की ओर से एक कड़ी प्रतिक्रिया भी आई है. रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि अगर अमेरिका यूक्रेन को टॉमहॉक मिसाइलें देता है, तो यह न केवल यूक्रेन संकट को एक नए और गंभीर मोड़ पर ले जाएगा, बल्कि रूस-अमेरिका संबंधों में भी गहरी दरार डाल देगा, जिसे फिर से भरना संभव नहीं होगा.
नोबेल पुरस्कार से चूके ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से खुद को नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार बताते रहे हैं. उन्होंने अपने कार्यकाल में कई युद्धों को खत्म करने का दावा करते हुए इस पुरस्कार के लिए अभियान भी चलाया. हालांकि, इस साल उन्हें यह सम्मान नहीं मिला. इसके बजाय यह पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो को दिया गया, जिन्होंने अपने देश में लोकतंत्र की बहाली और स्वतंत्र चुनावों की मांग को लेकर आवाज उठाई थी.
अंतरराष्ट्रीय राजनीति में जुबानी जंग
एक तरफ जहां यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जारी है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की बयानबाजियों ने कूटनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है. पुतिन और जेलेंस्की के बीच इस तरह की तीखी टिप्पणियां ना केवल दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि वैश्विक राजनीति में भी तनाव को और गहरा कर रही हैं.
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