अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कुछ अलग है. 25 सितंबर को ओवल ऑफिस में कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने जो कोट पहन रखी थी, उस पर F-35 स्टील्थ फाइटर जेट का लोगो साफ नजर आया. सोशल मीडिया पर इस दृश्य को ट्रंप की "F-35 की ब्रांडिंग" या "सॉफ्ट मार्केटिंग" के तौर पर देखा जा रहा है.
F-35, जिसे अमेरिका की रक्षा तकनीक की सबसे आधुनिक उपलब्धि माना जाता है, लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित पांचवीं पीढ़ी का मल्टीरोल स्टील्थ फाइटर है. यह जेट न केवल वायुसेना के युद्ध अभियानों में अहम भूमिका निभाता है, बल्कि अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय हथियार नीति में भी एक मजबूत स्तंभ बन चुका है.
F-35 की मार्केटिंग और कूटनीति साथ-साथ
25 सितंबर को ट्रंप की मुलाकात तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन से हुई. माना जा रहा है कि इस बैठक में F-35 की संभावित डील भी एजेंडे में शामिल थी. तुर्की लंबे समय से F-35 खरीदना चाहता है, लेकिन अमेरिका की एक शर्त है — तुर्की को रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद रोकनी होगी.
इस बातचीत के बीच ट्रंप ने एर्दोगन से कहा कि वो चीजें जो उन्हें चाहिए, और जो हमें चाहिए — हम एक निष्कर्ष पर पहुंचने वाले हैं. जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या तुर्की को F-35 दिए जाएंगे, तो ट्रंप ने कहा,हम इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं. इसके बाद ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर से भी मुलाकात की. खास बात यह रही कि इन बैठकों में भी ट्रंप के कोट पर F-35 का लोगो मौजूद था.
🚨Trump is wearing an F-35 lapel pin during the meeting with Erdogan... https://t.co/yvu3mi2to6 pic.twitter.com/GBlwyHnbm6
— Raylan Givens (@JewishWarrior13) September 25, 2025
भारत को भी F-35 बेचने की पेशकश
फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिका भारत को F-35 बेचने के लिए “रास्ते खोल रहा है.” यह बयान दोनों देशों के रक्षा संबंधों में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है. अमेरिका चाहता है कि भारत रक्षा क्षेत्र में रूस पर निर्भरता कम करे, और F-35 जैसी तकनीक को अपनाए.
F-35: तकनीक में अव्वल, लेकिन विश्वसनीयता पर सवाल
हालांकि तकनीकी रूप से F-35 को बेहद उन्नत माना जाता है, लेकिन हाल के वर्षों में इस विमान को लेकर कई ब्रेकडाउन और दुर्घटनाएं सामने आई हैं. इससे इसकी विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उठे हैं.
हाल की प्रमुख घटनाएं:
अंतरराष्ट्रीय घटनाएं
केरल (भारत) – ब्रिटेन का एक F-35 तकनीकी खराबी के चलते पांच हफ्ते तक जमींदोज रहा. इसे ठीक करने के लिए इंजीनियरों की विशेष टीम भेजी गई. जापान ब्रिटिश F-35B को तकनीकी खराबी के चलते कागोशिमा एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी.इन सभी घटनाओं ने F-35 की तकनीकी क्षमता पर नहीं, बल्कि इसके रखरखाव और ऑपरेशनल विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं.
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