Gaza Peace Plan: मध्य पूर्व के लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष में अमेरिका ने एक बार फिर निर्णायक हस्तक्षेप किया है, इस बार सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में. गाज़ा में जारी युद्ध के बीच ट्रंप ने हमास को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि उन्होंने रविवार शाम 6 बजे (अमेरिकी समय) तक शांति प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया, तो उन पर “हर तरह का नरक टूट पड़ेगा.”
यह चेतावनी केवल एक राजनयिक बयान नहीं है, बल्कि यह अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 20 सूत्रीय शांति योजना का हिस्सा है, जो गाज़ा के भविष्य के प्रशासन और युद्धविराम का एक संभावित रोडमैप पेश करता है.
क्या कहती है ट्रंप की योजना?
ट्रंप की इस योजना में न केवल युद्ध रोकने की बात की गई है, बल्कि गाज़ा के युद्धोत्तर प्रशासन के लिए एक संरचना भी प्रस्तावित की गई है. एक अस्थायी शासकीय बोर्ड बनाया जाएगा, इसके अध्यक्ष स्वयं ट्रंप हो सकते हैं, इसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर जैसे वैश्विक नेता शामिल होंगे, गाज़ा के नागरिकों को जबरन हटाया नहीं जाएगा और यदि इज़रायल और हमास दोनों शर्तें मान लेते हैं, तो युद्ध तत्काल रुक जाएगा. व्हाइट हाउस इस योजना को “ब्लूप्रिंट फॉर पीस एंड पोस्ट-वॉर गवर्नेंस” के रूप में पेश कर रहा है.
नेतन्याहू की सहमति और ट्रंप का भरोसा
जब ट्रंप से सीएनएन पर पूछा गया कि क्या इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका की योजना और गाज़ा में बमबारी रोकने के पक्ष में हैं, तो उन्होंने सीधे कहा, “हां, बीबी इसके लिए तैयार हैं.” ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि उन्हें जल्द ही पता चल जाएगा कि हमास शांति को लेकर कितना गंभीर है.
बंधकों की रिहाई और येलो लाइन पर वापसी
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एनबीसी के प्रोग्राम "Meet the Press" में कहा कि बंधकों की रिहाई इस समझौते का पहला चरण है. उन्होंने पुष्टि की कि हमास ने प्रस्ताव पर मौखिक सहमति दे दी है, लेकिन अभी भी कई “तकनीकी और तार्किक पहलू” तय होने बाकी हैं.
रूबियो ने कहा, “हमारी प्राथमिकता है सभी बंधकों की तत्काल और सुरक्षित रिहाई. इसके बदले में इज़रायल को गाज़ा में अपनी सेना को एक मध्यवर्ती ‘येलो लाइन’ तक सीमित करना होगा.”
यह भी पढ़ें- अमेरिका और इजरायल के उड़े होश, ईरान ने बना लिया अपना B-2 बॉम्बर! जानें कितना है खतरनाक