'गाजा पीस प्लान नहीं माना तो ऐसा कहर बरपाएंगे...' ट्रंप ने हमास को दी अंतिम डेडलाइन, क्या बनेगी बात?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर हमास गाजा पट्टी को लेकर प्रस्तावित शांति योजना को रविवार शाम छह बजे (वाशिंगटन डीसी समय) तक स्वीकार नहीं करता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

Trump gives final deadline to Hamas on Gaza peace plan
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर हमास गाजा पट्टी को लेकर प्रस्तावित शांति योजना को रविवार शाम छह बजे (वाशिंगटन डीसी समय) तक स्वीकार नहीं करता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. ट्रंप ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि यह आखिरी मौका है, और अगर इसे ठुकराया गया, तो हमास पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जाएगा.

यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजराइल-हमास युद्ध के दो साल पूरे होने वाले हैं, जिसकी शुरुआत 7 अक्टूबर को हुई थी. ट्रंप की यह पहल संघर्ष को खत्म करने और बंधकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है.

इजराइल ने दी ट्रंप योजना को मंजूरी

ट्रंप द्वारा प्रस्तावित इस शांति समझौते को इजराइल सरकार ने औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस पहल का स्वागत किया है. लेकिन दूसरी ओर, मिस्र और कतर जैसे मध्यस्थ देशों और हमास के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि कुछ बिंदुओं पर अभी और चर्चा की जरूरत है. उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि किन बिंदुओं को लेकर असहमति है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दी चेतावनी

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "हमास को रविवार शाम छह बजे तक समझौते के लिए हां कहना होगा. लगभग हर संबंधित देश इस योजना पर सहमत हो चुका है. अगर इस मौके को गंवाया गया, तो हमास को उस स्तर के हमलों का सामना करना पड़ेगा, जो उसने पहले कभी नहीं देखे होंगे."

उन्होंने आगे कहा कि किसी भी हाल में पश्चिम एशिया में शांति कायम करके ही दम लिया जाएगा.

नेतन्याहू के साथ पेश किया था प्रस्ताव

यह शांति योजना ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मुलाकात के बाद पेश की थी. योजना के मुख्य बिंदुओं में युद्धविराम, बंधकों की अदला-बदली, और गाजा के पुनर्निर्माण की व्यवस्था शामिल है.

योजना के मुख्य बिंदु:

1. युद्धविराम और बंधकों की रिहाई

  • युद्ध तुरंत रोक दिया जाएगा, बशर्ते हमास और इजराइल दोनों सहमत हों.
  • हमास को सभी इजराइली बंधकों (जिंदा और मृत) को रिहा करना होगा.
  • इसके बदले में, इजराइल फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा.

2. हथियार छोड़ने पर माफी

  • जो हमास सदस्य हथियार छोड़ देंगे और शांति के साथ सह-अस्तित्व को स्वीकार करेंगे, उन्हें माफी दी जाएगी.
  • जो सदस्य गाजा छोड़ना चाहेंगे, उन्हें सुरक्षित निकासी दी जाएगी.

3. मानवीय सहायता और पुनर्निर्माण

  • गाजा में फौरन मानवीय सहायता भेजी जाएगी.
  • इस सहायता में आवश्यक बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण शामिल होगा.
  • कोई भी व्यक्ति गाजा छोड़ने या लौटने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा, लेकिन जो ऐसा करना चाहें उन्हें पूरी आज़ादी दी जाएगी.

गाजा प्रशासन के लिए नई व्यवस्था

  • गाजा पट्टी का प्रशासन अब एक अस्थायी, तकनीकी और गैर-राजनीतिक फिलिस्तीनी निकाय को सौंपा जाएगा.
  • इस निकाय की निगरानी "बोर्ड ऑफ पीस" नामक एक अंतरराष्ट्रीय संस्था करेगी.
  • इस बोर्ड के अध्यक्ष ट्रंप खुद होंगे, और इसमें पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर सहित कई प्रमुख वैश्विक नेता शामिल होंगे.

क्षेत्रीय सहयोग और गारंटी

  • क्षेत्रीय साझेदार इस बात की गारंटी देंगे कि हमास और अन्य चरमपंथी गुट इस समझौते का उल्लंघन नहीं करेंगे.
  • गाजा को किसी भी देश के लिए खतरा नहीं बनने दिया जाएगा.
  • अमेरिका, अरब देशों और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के सहयोग से गाजा में एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF) तैनात किया जाएगा.

सुरक्षा और स्थिरता के लिए विशेष बल

  • ISF स्थानीय फिलिस्तीनी सुरक्षा बलों को प्रशिक्षित करेगा.
  • यह बल गाजा की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करेगा.

इजराइल की सेना (IDF) गाजा से चरणबद्ध रूप से हटेगी, लेकिन सीमावर्ती क्षेत्रों पर अस्थायी नियंत्रण बनाए रखेगी, जब तक कि पूरी सुरक्षा बहाल न हो जाए.

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