ट्रंप की बौखलाहट आई सामने! अमेरिकी राष्ट्रपति ने ड्रैगन को दे दी चेतावनी, कहा- कार्ड्स हैं हमारे पास, लेकिन...

Donald Trump China Tariff: अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका और चीन के बीच वर्चस्व की जंग एक बार फिर तेज हो गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को खुली चेतावनी दी है कि यदि जरूरी हुआ तो अमेरिका ऐसे 'कार्ड्स' चला सकता है, जिससे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, चीन को बर्बादी के कगार पर ला सकता है.

Trump frustration came to the fore China restrictions on export of rare earth materials
Image Source: ANI/ File

Donald Trump China Tariff: अंतरराष्ट्रीय मंच पर अमेरिका और चीन के बीच वर्चस्व की जंग एक बार फिर तेज हो गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को खुली चेतावनी दी है कि यदि जरूरी हुआ तो अमेरिका ऐसे 'कार्ड्स' चला सकता है, जिससे दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, चीन को बर्बादी के कगार पर ला सकता है.

ट्रंप ने यह तीखी टिप्पणी ऐसे समय में की है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक युद्धविराम को 90 दिनों के लिए बढ़ाया गया है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास की दीवारें अब भी जस की तस बनी हुई हैं.

"कार्ड्स हैं हमारे पास, लेकिन खेलना नहीं चाहता"

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में प्रेस को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा, "चीन के पास कुछ कार्ड्स हो सकते हैं, लेकिन हमारे पास अविश्वसनीय कार्ड्स हैं. अगर मैं वो खेलूं, तो चीन बर्बाद हो जाएगा. लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहता." ट्रंप ने यह भी बताया कि हाल ही में उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बातचीत की है और वह शी के निमंत्रण पर बीजिंग यात्रा करने पर विचार कर रहे हैं.

ट्रेड वॉर अब भी जारी, और ट्रंप का रुख सख्त

ट्रंप की ये चेतावनी सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं है. पिछले साल से अब तक अमेरिका ने चीन से आयात होने वाले उत्पादों पर लगातार टैरिफ बढ़ाए हैं, जो अब 30% तक पहुंच चुके हैं. अप्रैल में यह दर 145% तक दर्ज की गई थी. अब ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि चीन ने अमेरिका को चुंबकीय रसायनों (रेयर अर्थ) की सप्लाई बंद की, तो 200% तक टैरिफ लगाया जा सकता है.

रेयर अर्थ और तेल व्यापार

चीन द्वारा रेयर अर्थ मटेरियल्स के निर्यात पर पाबंदियों ने अमेरिका की चिंता और बढ़ा दी है. इसके साथ ही चीन का ईरान और रूस से जारी तेल व्यापार भी अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने हाल ही में कहा कि बीजिंग को अब वैश्विक व्यापार में केवल निर्यातक नहीं, एक मजबूत आयातक के रूप में भी जिम्मेदारी लेनी होगी.

चीन की मैन्युफैक्चरिंग हैसियत को कम करना

बयान सिर्फ तात्कालिक नाराजगी नहीं दर्शाते, बल्कि अमेरिका की दीर्घकालिक रणनीति का भी संकेत देते हैं. ट्रंप प्रशासन यह साफ कर चुका है कि उसका लक्ष्य है चीन की विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षमता को वैश्विक स्तर पर कम करना और उसे आर्थिक रूप से संतुलन में लाना.

यह भी पढ़ें- सलमान खान को समर्थन करने पर इस एक्ट्रेस को मिली थी धमकी, अब बिग बॉस के घर में बनाकर आई खास प्लान