यूक्रेन में मची ऐसी तबाही, देखते ही भड़के ट्रंप; रूस पर और प्रतिबंध लगाने का किया ऐलान, होगा एक्शन?

यूक्रेन में लगातार हो रहे हमलों और बढ़ते मानवीय संकट ने आखिरकार अमेरिका को कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है.

Trump announces more sanctions on Russia
प्रतिकात्मक तस्वीर/ Social Media

वाशिंगटन/कीव: यूक्रेन में लगातार हो रहे हमलों और बढ़ते मानवीय संकट ने आखिरकार अमेरिका को कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की बर्बरता पर गहरी नाराजगी जताई है और संकेत दिया है कि अमेरिका अब रूस पर प्रतिबंधों के दूसरे और ज्यादा सख्त चरण में प्रवेश करने जा रहा है.

व्हाइट हाउस में रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा, "अब वक़्त आ गया है कि रूस को और कठोर आर्थिक सज़ा दी जाए. अगर वह अपनी आक्रामक नीतियों को नहीं छोड़ता है, तो हम कदम पीछे नहीं हटाएंगे."

रूस का कीव पर बड़ा हमला

ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब रूस ने यूक्रेन पर अपने हमलों की तीव्रता और पैमाने को बढ़ा दिया है. कीव में स्थित यूक्रेन सरकार की मुख्य इमारत पर हमला हुआ, जो युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार सीधे निशाने पर आई. यूक्रेनी प्रधानमंत्री यूलिया स्विरिदेंको ने जानकारी दी कि इस हमले में इमारत की ऊपरी मंजिलें पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं और कई हिस्सों में आग लग गई.

इस हमले के दौरान रूस ने 800 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें दागीं, जो एक ही समय में कई शहरों पर बरसीं. यह यूक्रेन के लिए अब तक का सबसे बड़ा और सबसे भयानक हवाई हमला माना जा रहा है.

जेलेंस्की ने रूस पर गंभीर आरोप लगाए

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने रूस की इस कार्रवाई को 'रणनीतिक साज़िश' करार दिया. उनका कहना है कि रूस जानबूझकर युद्ध को लंबा खींच रहा है, ताकि दुनिया की इच्छाशक्ति को तोड़ा जा सके.

उन्होंने मीडिया से कहा, "यह सिर्फ एक हमला नहीं, बल्कि सुनियोजित नरसंहार है. जब बातचीत संभव थी, तब बमबारी हो रही है. यह दिखाता है कि रूस को शांति नहीं, सिर्फ युद्ध चाहिए."

इस हमले में चार नागरिकों की मौत हुई, जिनमें एक बच्चा और एक युवती शामिल हैं. यूक्रेन की वायु सेना ने बताया कि देश के 37 स्थानों पर मिसाइलें और ड्रोन गिरे, जिनमें से कई नागरिक क्षेत्रों में गिरे और भारी नुकसान हुआ.

रूस को मजबूर करना ज़रूरी

ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका का उद्देश्य सिर्फ सज़ा देना नहीं, बल्कि रूस को वार्ता की मेज पर लाना है. उन्होंने कहा, "अब तक लगाए गए प्रतिबंध पर्याप्त नहीं हैं. यदि रूस नहीं रुका, तो हम और सख्त उपायों के लिए तैयार हैं."

इसके साथ ही ट्रंप ने यूरोपीय देशों से भी सहयोग की अपील की, ताकि सामूहिक दबाव से रूस को रोका जा सके. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्थिरता सिर्फ किसी एक देश की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि एकजुट प्रयासों से ही संतुलन लाया जा सकता है.

रूस की सफाई और पलटवार

रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि उनके हमलों का उद्देश्य केवल यूक्रेन की सैन्य और औद्योगिक संरचनाओं को निशाना बनाना था. रूस ने दावा किया कि उसने हथियारों के भंडारण केंद्र, मिसाइल डिपो और सैन्य परिवहन नेटवर्क पर हमले किए हैं.

हालांकि, कीव में जिस सरकारी भवन पर हमला हुआ, उसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि संभवतः यह हमला ड्रोन को मार गिराने के प्रयास में हुआ, जिससे मलबा सरकारी इमारत पर गिरा और आग लग गई. लेकिन उन्होंने यह भी माना कि स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है.

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