CM Yogi Singapore Visit: सिंगापुर दौरे के पहले दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े कदम उठाए. इस दौरान करीब 6650 करोड़ रुपये के तीन अहम समझौते (MoU) साइन किए गए.
इन समझौतों में सबसे बड़ा निवेश नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एयरपोर्ट क्षेत्र के लिए प्रस्तावित है, जहां लगभग 6000 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे. इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा निवेश सामने आया है, जिससे बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में मदद मिलेगी.
Had a productive meeting with Mr. Amritanshu Roy, Chief Operating Officer, Greenfield Ventures, in Singapore.
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 24, 2026
Witnessed the signing of an MoU to explore investment opportunities in Uttar Pradesh across high-growth sectors. Discussed strengthening collaboration in infrastructure,… pic.twitter.com/xfBzhBlra0
एयरपोर्ट के पास बनेगी इंटरनेशनल थीम टाउनशिप
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास करीब 100 एकड़ जमीन पर 3500 करोड़ रुपये की लागत से इंटरनेशनल थीम आधारित इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने की योजना है. यह परियोजना वर्ष 2027 में शुरू होने की संभावना है. सरकार का मानना है कि इससे करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और तेजी से विकसित हो रहे एयरपोर्ट क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी.
डेटा सेंटर पार्क से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 10 एकड़ भूमि पर हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जाएगा. इस परियोजना में करीब 2500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इस डेटा सेंटर की क्षमता लगभग 40 मेगावॉट आईटी पावर की होगी और इससे करीब 1500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. राज्य सरकार इसे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मान रही है.
गाजियाबाद में हेल्थकेयर सेक्टर को बढ़ावा
Temasek Holdings की पोर्टफोलियो कंपनी Manipal Hospitals गाजियाबाद में करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. इस निवेश के जरिए सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे न केवल इलाज की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
सार्वजनिक परिवहन सुधारने की तैयारी
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 100 रोडवेज बसें चलाने की योजना बनाई गई है. पहले 500 ई-बसों की योजना थी, लेकिन उसके रुकने के बाद अब यूपीएसआरटीसी की बसों को उतारने का फैसला लिया गया है.
यह व्यवस्था एसपीवी मॉडल के तहत चलाई जाएगी, जैसा कि गोरखपुर समेत अन्य जिलों में किया गया है. योजना को पूरी तरह लागू होने में करीब 8 से 10 महीने लग सकते हैं. तब तक अस्थायी तौर पर 50 बसें लीज पर लेकर चलाई जाएंगी.
मेट्रो कनेक्टिविटी में भी प्रगति
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो विस्तार को लेकर भी आगे बढ़त हुई है. सेक्टर-51 से सेक्टर-4 तक 7.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन के विस्तार की संशोधित डीपीआर केंद्र सरकार को भेज दी गई है. इस परियोजना में चार नए मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं और लक्ष्य रखा गया है कि 31 मार्च तक मंजूरी मिल जाए, ताकि आगे निर्माण प्रक्रिया शुरू की जा सके.
एयरपोर्ट उद्घाटन की तैयारी अंतिम चरण में
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. मुख्यमंत्री पहले ही प्रधानमंत्री को उद्घाटन के लिए आमंत्रित कर चुके हैं और संभावना जताई जा रही है कि मार्च में इसका उद्घाटन हो सकता है. अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा से जुड़ी सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और संचालन के लिए व्यवस्थाएं लगभग तैयार हैं.
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