तेल अवीव: 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुआ बड़ा आतंकी हमला, जिसने हमास और हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत की, आज भी देशवासियों के मन में असुरक्षा की भावना को जगा रहा है. नतीजतन, इजरायल में आम नागरिक अब पहले से कहीं अधिक व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं. हथियारों के लाइसेंस से लेकर प्रशिक्षित सुरक्षा डॉग्स तक, लोगों की प्राथमिकता अब आत्मरक्षा बन गई है.
हथियारों के लाइसेंस के लिए रिकॉर्ड संख्या में आवेदन
इजरायल की नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्ट्री के अनुसार, अक्टूबर 2023 के बाद से अब तक 4 लाख से अधिक लोगों ने फायरआर्म लाइसेंस के लिए आवेदन किया है. इनमें से करीब 2.17 लाख आवेदनों को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है, जबकि 1.65 लाख लोगों को स्थायी लाइसेंस प्राप्त हो चुके हैं. हालांकि लगभग 1.77 लाख आवेदन अस्वीकार भी किए गए हैं. फिलहाल, इजरायल में निजी नागरिकों के पास कुल मिलाकर 3.34 लाख से अधिक लाइसेंसी हथियार हैं.
सुरक्षा डॉग्स की लोकप्रियता में अभूतपूर्व वृद्धि
सिर्फ हथियार ही नहीं, बल्कि अब सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित डॉग्स की मांग में भी जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. 'इजरायल प्रोटेक्शन K9' नाम की यूएस-इजरायली कंपनी दुनिया भर में ट्रेंड असॉल्ट डॉग्स की सप्लाई कर रही है, जो खासकर यहूदी समुदाय के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं.
पिछले एक साल में इस कंपनी की बिक्री में बड़ा इज़ाफा हुआ है. जहां पहले सालाना 5 से 10 डॉग बेचे जाते थे, वहीं अब यह आंकड़ा 20 के पार पहुंच चुका है. फिलहाल कंपनी 45 सुरक्षा डॉग्स को ट्रेनिंग दे रही है, जिन्हें अगले कुछ महीनों में ग्राहकों को सौंपा जाएगा. ये डॉग्स 18 महीने की कठोर ट्रेनिंग के बाद उपयोग के लिए तैयार होते हैं.
कीमतों में भारी उछाल
सुरक्षा डॉग्स की मांग में वृद्धि के चलते इनकी कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं. पहले जहां एक डॉग की कीमत करीब 30,000 डॉलर हुआ करती थी, अब वही डॉग्स 75,000 से लेकर 1,25,000 डॉलर तक में बेचे जा रहे हैं. इस प्रकार की खरीदारी ऑनलाइन हो रही है, जिससे दुनिया भर के यहूदी समुदाय के लोग इन्हें सीधे मंगवा सकते हैं.
पृष्ठभूमि में चिंता और जागरूकता
बढ़ते वैश्विक एंटी-सेमिटिज्म और सुरक्षा को लेकर चिंता की वजह से यहूदी समुदाय अब आत्मरक्षा के विकल्पों को गंभीरता से अपना रहा है. चाहे वो हथियार हों या प्रशिक्षित डॉग्स — नागरिक अब अपनी सुरक्षा को सरकार पर छोड़ने के बजाय खुद जिम्मेदारी ले रहे हैं.
इजरायली सेना की OKETZ (K9) यूनिट भी वर्षों से विशेष अभियानों में डॉग्स का उपयोग कर रही है. अब तक 42 सुरक्षा डॉग्स देश की रक्षा में अपनी जान दे चुके हैं. इन्हीं अनुभवों को देखते हुए आम जनता भी अब K9 सुरक्षा को प्राथमिकता देने लगी है.
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