त्विषा शर्मा मर्डर की सच्चाई आएगी सामने! गिरिबाला और समर्थ को 5 दिन की CBI रिमांड, आमने-सामने होगी पूछताछ

Twisha Sharma Case Update: चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में जांच अब और गंभीर मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को विशेष अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया.

The truth of Tvisha Sharma murder will come out 5 days CBI remand to Giribala and Samarth
Image Source: ANI

Twisha Sharma Case Update: चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में जांच अब और गंभीर मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को विशेष अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया. जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं की पड़ताल अभी बाकी है और इसके लिए आरोपितों से गहन पूछताछ जरूरी है.

शुक्रवार सुबह सीबीआई की टीम दोनों आरोपितों को लेकर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत पहुंची. एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि केस में कई तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच जारी है तथा कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए आरोपितों से आमने-सामने पूछताछ की आवश्यकता है. अदालत ने सीबीआई की दलीलों को स्वीकार करते हुए दोनों को 2 जून तक रिमांड पर भेज दिया.

समर्थ सिंह की रिमांड फिर बढ़ी

त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह पहले से ही सीबीआई की हिरासत में थे. उनकी पूर्व रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद शुक्रवार को दोबारा अदालत में पेश किया गया. जांच एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि मामले में अब भी कई सवालों के जवाब तलाशे जाने बाकी हैं.

इसके अलावा समर्थ सिंह की कथित फरारी के दौरान उसकी गतिविधियों, लोकेशन, संपर्कों और संभावित मददगारों को लेकर भी गहन जांच की जा रही है. सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस दौरान वह किन लोगों के संपर्क में था और उसे किस प्रकार की सहायता मिली.

हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद हुई गिरफ्तारी

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी की टीम गुरुवार सुबह उनके घर पहुंची और कई घंटों तक पूछताछ की.

बताया जा रहा है कि करीब आठ घंटे तक चली पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने उनसे मामले से जुड़े कई संवेदनशील सवाल पूछे. इसके बाद शाम को उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया और सीबीआई कैंप ले जाया गया.

रिश्तों और घटनाक्रम पर केंद्रित है जांच

सीबीआई की पूछताछ का मुख्य फोकस त्विषा शर्मा, समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के बीच संबंधों तथा घटना से जुड़े घटनाक्रम पर है. जांच एजेंसी पहले ही कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, दस्तावेज और अन्य संभावित साक्ष्य जब्त कर चुकी है.

अधिकारियों के अनुसार डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की जा रही है. एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले किन परिस्थितियों ने जन्म लिया और उस दौरान क्या-क्या गतिविधियां हुईं.

‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ तकनीक से जांच

मामले की जांच को और मजबूत बनाने के लिए सीबीआई आधुनिक तकनीकों का भी सहारा ले रही है. जानकारी के अनुसार एजेंसी इस केस में ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. इस तकनीक के जरिए जांच अधिकारी त्विषा शर्मा के अंतिम घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रहे हैं. इसका उद्देश्य घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि को क्रमवार समझना है.

सूत्रों का कहना है कि इस प्रक्रिया में मिनट-दर-मिनट घटनाक्रम को दोबारा तैयार किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उस दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे, किससे संपर्क हुआ और घटनाओं का क्रम क्या रहा.

तकनीकी साक्ष्यों पर विशेष फोकस

सीबीआई अब इस मामले में डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को बेहद अहम मानकर चल रही है. एजेंसी मोबाइल फोन, लैपटॉप, चैट रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक जानकारी का विश्लेषण कर रही है. जांच अधिकारियों का मानना है कि कई ऐसे तथ्य हैं जो तकनीकी जांच के जरिए सामने आ सकते हैं और इससे केस की कई उलझी कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलेगी.

मामला बना चर्चा का विषय

त्विषा शर्मा मौत मामला पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में बना हुआ है. मामले में एक रिटायर्ड जज और उनके बेटे का नाम सामने आने के बाद इसने और अधिक ध्यान खींचा है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य सामने आने की संभावना भी जताई जा रही है. फिलहाल सीबीआई इस पूरे मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए हर पहलू की विस्तार से जांच कर रही है.

ये भी पढ़ें- Monsoon: मानसून में देरी और कम बारिश... किसानों की बढ़ेंगी मुश्किलें, IMD ने जारी की चेतावनी