IED In Haigam Highway: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है. शनिवार को उत्तरी कश्मीर के सोपोर इलाके में श्रीनगर–बारामूला राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. यह घटना सोपोर के हाइगाम क्षेत्र के पास सामने आई, जहां सड़क किनारे एक संदिग्ध वस्तु दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना सुरक्षा एजेंसियों को दी.
सूचना मिलते ही सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची. सुरक्षाबलों ने एहतियातन पूरे इलाके को घेर लिया और श्रीनगर-बारामूला हाईवे पर दोनों तरफ का ट्रैफिक तत्काल रोक दिया गया. किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर डायवर्ट किया गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा.
#WATCH | Baramulla, Jammu and Kashmir: During a CASO (Cordon and Search Operation) conducted by the Indian Army's 52 Rashtriya Rifles, a suspicious object was detected in orchards at Choora along the Srinagar-Baramulla National Highway. The area was immediately cordoned off and a… pic.twitter.com/5feiDyEyH5
— ANI (@ANI) December 27, 2025
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में संदिग्ध वस्तु के विस्फोटक होने की आशंका के चलते अतिरिक्त सतर्कता बरती गई. आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर भेजा गया और इलाके में किसी भी तरह की आवाजाही पर रोक लगा दी गई.
बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड ने IED को किया निष्क्रिय
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) को मौके पर बुलाया गया. विशेषज्ञ टीम ने सावधानीपूर्वक IED को अपने कब्जे में लिया और तकनीकी जांच शुरू की. आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया. इस दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर रहे.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अगर समय रहते इस IED को निष्क्रिय नहीं किया जाता तो यह बड़ी जान-माल की हानि का कारण बन सकता था, क्योंकि यह मार्ग अत्यधिक व्यस्त रहता है और रोजाना सैकड़ों वाहन यहां से गुजरते हैं.
किसने रखा IED, जांच में जुटीं एजेंसियां
IED को नष्ट किए जाने के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोटक किसने और किस उद्देश्य से यहां रखा था. आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है.
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह आतंकी साजिश यात्रियों या सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के इरादे से रची गई हो सकती है. हालांकि, अभी तक किसी संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है.
क्या होता है IED और क्यों होता है खतरनाक
इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी IED एक ऐसा विस्फोटक उपकरण होता है, जिसे पारंपरिक सैन्य हथियारों के बजाय सामान्य और आसानी से उपलब्ध सामग्री से तैयार किया जाता है. इसमें घरेलू या औद्योगिक वस्तुओं का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो मूल रूप से विस्फोट के लिए नहीं बनी होतीं.
IED आमतौर पर आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाते हैं, क्योंकि इन्हें छिपाना आसान होता है और इन्हें सड़क किनारे, वाहनों या सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जा सकता है. इनका उद्देश्य लोगों को नुकसान पहुंचाना, डर का माहौल बनाना और बुनियादी ढांचे को क्षति पहुंचाना होता है.
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
इस घटना के बाद उत्तरी कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की तुरंत सूचना दें और अफवाहों पर ध्यान न दें.
अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता और समय पर मिली सूचना के कारण एक बड़ी आतंकी वारदात को रोका जा सका. आने वाले दिनों में इलाके में गश्त और निगरानी और बढ़ाई जाएगी ताकि ऐसी किसी भी साजिश को पहले ही विफल किया जा सके.
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