PoK Violence: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में विरोध प्रदर्शन के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने प्रदर्शनकारियों पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि सरकार उनसे कोई बातचीत नहीं करेगी.
उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भारत की तरह पाकिस्तान का "दुश्मन" भी बताया. वहीं, स्थानीय संगठनों का दावा है कि प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों की मौत हुई है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
रक्षा मंत्री का बड़ा बयान
मीडिया से बातचीत में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि सरकार प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि वह इन प्रदर्शनकारियों को भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं.
उधर, प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा कि प्रदर्शनकारी संगठन के प्रतिनिधियों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रदर्शनकारी बलपूर्वक कई इलाकों पर कब्जा करना चाहते हैं.
मौतों को लेकर अलग-अलग दावे
प्रतिबंधित जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) का दावा है कि सोमवार से अब तक सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में उसके कम से कम 20 कार्यकर्ताओं की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं. वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने इन दावों पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने पहले सुरक्षा बलों पर हमला किया था और मौतों के दावों की पुष्टि नहीं हुई है.
चुनाव के बीच बढ़ा तनाव
PoK में तथाकथित विधानसभा चुनाव भी जारी हैं. पहले चरण का मतदान 13 सीटों पर हुआ, जिसमें पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) ने नौ सीटों पर जीत दर्ज की. बाकी सीटों पर अगले चरण का मतदान 2 और 10 अगस्त को होना है. चुनाव के दौरान धांधली और हिंसा के आरोप भी लगाए गए हैं.
भारत ने क्या कहा?
भारत ने इन चुनावों को लेकर अपना पुराना रुख दोहराया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र, जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके भी शामिल हैं, भारत का अभिन्न हिस्सा हैं. उन्होंने यह भी कहा कि PoK में जारी विरोध प्रदर्शन वहां के लोगों की समस्याओं और हालात को दिखाते हैं.
जून से जारी हैं प्रदर्शन
JAAC ने जून से PoK के कई इलाकों में प्रदर्शन शुरू किए थे. संगठन का कहना है कि वह कुछ विवादित सीटों और अन्य मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहा है. प्रदर्शन के दौरान कई बार सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई हैं. वहीं, प्रशासन ने कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं.
फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. प्रदर्शन में हुई मौतों और अन्य दावों को लेकर अलग-अलग पक्षों के अपने-अपने बयान सामने आए हैं और कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है.
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