Telegram App Return: करीब एक महीने तक ऐप स्टोर और प्ले स्टोर से गायब रहने के बाद लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram ने भारत में दोबारा वापसी कर ली है. अब यह ऐप अधिकांश यूजर्स के लिए फिर से डाउनलोड और अपडेट करने के लिए उपलब्ध है. सरकार के निर्देश पर जून में इसे अस्थायी रूप से हटाया गया था. उस समय राष्ट्रीय सुरक्षा और NEET-UG री-एग्जाम से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया था. परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ऐप को चरणबद्ध तरीके से दोनों प्रमुख ऐप स्टोर्स पर बहाल कर दिया गया है.
जून में सरकार के आदेश पर हटाया गया था ऐप
भारत सरकार ने जून महीने में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A के तहत Telegram को ऐप स्टोर और Google Play Store से हटाने के निर्देश जारी किए थे. यह प्रावधान सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और देश की संप्रभुता से जुड़े मामलों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या कंटेंट तक सार्वजनिक पहुंच सीमित करने का अधिकार देता है. सरकार के निर्देश के बाद Telegram की लिस्टिंग अस्थायी रूप से दोनों प्लेटफॉर्म से हटा दी गई थी.
अब फिर से सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध
NEET-UG री-एग्जाम पूरा होने के बाद Telegram की वापसी की प्रक्रिया शुरू हुई. 23 जून को सबसे पहले Google ने Play Store पर ऐप को दोबारा उपलब्ध कराया. इसके बाद Apple ने भी App Store पर इसकी लिस्टिंग बहाल कर दी.
हालांकि कुछ यूजर्स को यह ऐप तुरंत दिखाई नहीं दिया, लेकिन चरणबद्ध तरीके से रोलआउट के बाद अब यह लगभग सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध हो चुका है.
NEET-UG री-एग्जाम से जुड़ी थी बड़ी चिंता
सरकार का यह फैसला NEET-UG री-एग्जाम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लिया गया था. अधिकारियों को आशंका थी कि Telegram के कुछ चैनलों के जरिए परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज या प्रश्नपत्र लीक किए जा सकते हैं.
चूंकि NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है, इसलिए किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए थे.
आखिर Telegram क्या है?
Telegram एक क्लाउड-बेस्ड इंस्टेंट मैसेजिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहां यूजर्स टेक्स्ट मैसेज, फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट और अन्य फाइलें साझा कर सकते हैं. इसके अलावा इसमें बड़े ग्रुप और ब्रॉडकास्ट चैनल बनाने की सुविधा भी मिलती है, जिससे लाखों लोगों तक एक साथ जानकारी पहुंचाई जा सकती है.
इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत 2013 में पावेल दुरोव ने की थी और आज यह दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स में से एक माना जाता है.
पहले भी विवादों में रहा है Telegram
Telegram कई बार विवादों का हिस्सा बन चुका है. विभिन्न जांच एजेंसियों और सुरक्षा विशेषज्ञों ने समय-समय पर आरोप लगाए हैं कि इस प्लेटफॉर्म के कुछ सार्वजनिक ग्रुप और चैनलों का इस्तेमाल साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, हैकिंग टूल्स के प्रसार और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है.
हालांकि प्लेटफॉर्म लगातार अपने सुरक्षा तंत्र और मॉडरेशन सिस्टम में बदलाव करने का दावा करता है, फिर भी सरकारें समय-समय पर इसके इस्तेमाल को लेकर निगरानी रखती हैं.
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