Instagram Followers Increasing Tips: आज इंस्टाग्राम सिर्फ एक सोशल मीडिया एप नहीं रह गया है. यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन चुका है, जहां लोग अपनी पहचान बना सकते हैं, ब्रांडिंग कर सकते हैं और कमाई भी कर सकते हैं. हर दिन लाखों लोग रील्स बनाते हैं, ट्रेंड्स फॉलो करते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनका कंटेंट वायरल होगा. लेकिन हकीकत यह है कि कई क्रिएटर्स दिनभर मेहनत करने के बावजूद अपनी मेहनत का पूरा फल नहीं पा रहे. यह सवाल उठता है कि क्या समस्या सिर्फ कंटेंट में है या कहीं और.
2026 में इंस्टाग्राम के नए AI एल्गोरिदम ने इस प्लेटफॉर्म को पूरी तरह बदल दिया है. अब यह तय करता है कि किस अकाउंट को कितना पुश मिलेगा. इसलिए केवल अच्छी रील्स बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि अकाउंट की सेटिंग्स और उसकी हेल्थ भी बेहद अहम हो गई हैं.
अकाउंट स्टेटस: रीच बढ़ाने की पहली कड़ी
बहुत से क्रिएटर्स नियमित रूप से पोस्ट करते हैं, लेकिन अकाउंट स्टेटस की जांच करना भूल जाते हैं. इंस्टाग्राम अब यह साफ करता है कि आपका प्रोफाइल कितना एक्सपोज़र के लिए एलिजिबल है. अकाउंट स्टेटस के जरिए पता चलता है कि क्या आपकी कोई पोस्ट गाइडलाइंस के खिलाफ गई है या अकाउंट किसी लिमिटेशन के तहत है.
इस फीचर के तहत अगर कोई वार्निंग दिखाई देती है, तो समझ लीजिए कि आपकी नई रील्स को भी पूरी तरह पुश नहीं मिलेगा. ऐसे मामलों में अकाउंट को क्लीन करना और जरूरत पड़ने पर कंटेंट को हटाना या अपील करना बेहद जरूरी हो जाता है. यह अब इंस्टाग्राम ग्रोथ का सबसे पहला कदम बन चुका है.
ओरिजनल कंटेंट: एल्गोरिदम का नया रूल
इंस्टाग्राम 2026 के एल्गोरिदम में ओरिजनल क्रिएटर्स को प्राथमिकता दी जा रही है. बार-बार दूसरों के वीडियो उठाना या मामूली एडिट करना अब नुकसानदेह हो सकता है. AI यह पहचान लेता है कि कंटेंट नया है या कॉपी.
अगर आपकी प्रोफाइल में ज्यादातर रीपोस्ट हैं, तो रीच अपने आप कम हो जाएगी. इसलिए रील बनाते समय अपनी वॉयस, स्टोरी और एंगल जोड़ना बहुत जरूरी है. कैप्शन भी खुद लिखें और केवल वायरल लाइनों की नकल करने से बचें. जब प्लेटफॉर्म को लगेगा कि आप नया और क्रिएटिव कंटेंट बना रहे हैं, तभी आपकी रील्स नई ऑडियंस तक पहुंचेगी.
रील्स टेम्पलेट डेटा: छोटा बदलाव, बड़ा असर
इंस्टाग्राम अब यह भी ट्रैक करता है कि आप ट्रेंड्स और टेम्पलेट्स का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं. इसके लिए रील टेम्पलेट डेटा सेटिंग को ऑन करना जरूरी हो गया है. जब यह चालू होता है, तो प्लेटफॉर्म को यह संकेत मिलता है कि आप एक्टिव और ट्रेंड-फ्रेंडली क्रिएटर हैं. ऐसे अकाउंट्स को अक्सर टेस्ट रीच और नई ऑडियंस तक दिखाने का मौका ज्यादा मिलता है. इसका फायदा यह है कि फॉलोअर्स बढ़ने की संभावना स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है.
अकाउंट की हेल्थ और कंटेंट क्वालिटी: ग्रोथ का फॉर्मूला
अब इंस्टाग्राम ग्रोथ सिर्फ कंटेंट की क्वालिटी तक सीमित नहीं रह गई है. यह निर्भर करती है कि आपका अकाउंट कितना स्वस्थ है, आपका कंटेंट कितना ओरिजनल है और आप ट्रेंड्स का सही इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं. यदि ये सभी चीजें सही हों, तो रील्स और पोस्ट को अधिकतम रीच और एक्सपोज़र मिलेगा.
इंस्टाग्राम के इस नए एल्गोरिदम में सफलता पाने के लिए कंटेंट की ओरिजनलिटी, अकाउंट की हेल्थ और ट्रेंड्स का सही इस्तेमाल अब अनिवार्य हो गया है. केवल पोस्ट करने से काम नहीं चलेगा; प्लेटफॉर्म को यह दिखाना होगा कि आप एक्टिव, क्रिएटिव और ट्रेंड-फ्रेंडली क्रिएटर हैं.
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