WhatsApp की प्राइवेसी पर उठे सवाल, एलन मस्क के इस बयान ने यूजर्स की बढ़ाई चिंता

WhatsApp Privacy: पिछले कुछ दिनों से WhatsApp एक बार फिर अपने मैसेज एनक्रिप्शन और यूजर प्राइवेसी को लेकर विवादों में घिरा हुआ है. एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन का दावा करने वाले इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अब गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद पूरी दुनिया में इसकी सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है. 

Tech Questions raised on privacy WhatsApp statement of Elon Musk raised concerns among users
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

WhatsApp Privacy: पिछले कुछ दिनों से WhatsApp एक बार फिर अपने मैसेज एनक्रिप्शन और यूजर प्राइवेसी को लेकर विवादों में घिरा हुआ है. एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन का दावा करने वाले इस मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अब गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद पूरी दुनिया में इसकी सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है. 

मामला इतना बढ़ गया है कि अब अमेरिकी अरबपति एलन मस्क और टेलीग्राम के सीईओ पावेल दुरोव भी खुलकर इसमें कूद पड़े हैं और WhatsApp की सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं.

मेटा के खिलाफ अमेरिका में दर्ज हुआ मुकदमा

इस पूरे विवाद की शुरुआत अमेरिका में दायर एक मुकदमे से हुई है, जिसमें WhatsApp की पैरेंट कंपनी मेटा पर यूजर्स को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है. याचिकाकर्ताओं का दावा है कि मेटा अपने प्लेटफॉर्म पर होने वाले निजी संवाद को स्टोर करती है, उनका विश्लेषण करती है और जरूरत पड़ने पर वर्चुअली एक्सेस भी कर सकती है. इस मुकदमे में ऑस्ट्रेलिया, भारत, ब्राजील, मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका जैसे कई देशों के याचिकाकर्ता शामिल हैं, जिससे मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है.

याचिका में यह भी कहा गया है कि मेटा के कर्मचारी यूजर्स की निजी चैट्स तक पहुंच बना सकते हैं, जो एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन के दावे पर सीधे सवाल खड़े करता है. हालांकि, मेटा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि WhatsApp की चैट्स पूरी तरह सुरक्षित हैं और कंपनी यूजर्स की निजी बातचीत नहीं पढ़ सकती.

एलन मस्क का बयान, WhatsApp को बताया असुरक्षित

मुकदमे की खबर सामने आने के बाद एलन मस्क ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि WhatsApp सिक्योर नहीं है. मस्क ने यहां तक कहा कि सिग्नल जैसे ऐप्स पर भी सवाल उठाए जा सकते हैं. उन्होंने यूजर्स से अपील की कि वे उनके प्लेटफॉर्म एक्स पर मौजूद चैट फीचर का इस्तेमाल करें. प्राइवेसी और फ्री स्पीच को लेकर एलन मस्क पहले भी कई बार बड़ी टेक कंपनियों की नीतियों की आलोचना कर चुके हैं, ऐसे में उनका यह बयान चर्चा को और हवा दे रहा है.

टेलीग्राम के सीईओ पावेल दुरोव की तीखी प्रतिक्रिया

WhatsApp की सुरक्षा को लेकर चल रही बहस में टेलीग्राम के फाउंडर और सीईओ पावेल दुरोव ने भी बेहद कड़ा रुख अपनाया है. दुरोव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि जो लोग 2026 में भी WhatsApp को सुरक्षित मानते हैं, वे “ब्रेनडेड” हैं. उनके इस बयान ने टेक वर्ल्ड में हलचल मचा दी है.

दुरोव का दावा है कि टेलीग्राम की टीम ने WhatsApp के एनक्रिप्शन सिस्टम का विश्लेषण किया है और उसमें कई संभावित अटैक वेक्टर्स पाए गए हैं. उनके मुताबिक, WhatsApp का सुरक्षा सिस्टम कभी भी उतना मजबूत नहीं रहा, जितना उसे यूजर्स के सामने पेश किया गया. उन्होंने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि WhatsApp की लोकप्रियता उसकी सुरक्षा से ज्यादा उसकी पहुंच और नेटवर्क इफेक्ट की वजह से है.

यूजर्स के मन में बढ़ती चिंता

इन बयानों और मुकदमे के बाद आम यूजर्स के बीच भी WhatsApp की प्राइवेसी को लेकर चिंता बढ़ गई है. करोड़ों लोग रोजाना निजी बातचीत, दस्तावेज और संवेदनशील जानकारी WhatsApp के जरिए साझा करते हैं. ऐसे में यदि कंपनी के सुरक्षा दावे सवालों के घेरे में आते हैं, तो इसका असर यूजर्स के भरोसे पर पड़ना तय है.

अब देखना यह होगा कि यह कानूनी लड़ाई किस दिशा में जाती है और क्या WhatsApp को अपने एनक्रिप्शन और प्राइवेसी सिस्टम को लेकर और ज्यादा पारदर्शिता दिखानी पड़ेगी. फिलहाल, यह विवाद टेक इंडस्ट्री में प्राइवेसी बनाम भरोसे की बहस को एक बार फिर केंद्र में ले आया है.

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