नेपाल बाढ़ में 88 भारतीयों का रेस्क्यू, 287 अब भी लापता; MEA ने दिया बड़ा अपडेट

नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए अपनी टीमें भेजी हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल की जांच करने वाली फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीमों को नेपाल रवाना किया गया है.

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Image Source: ANI

नई दिल्ली: नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ से मची तबाही के बीच भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए अपनी टीमें भेजी हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल की जांच करने वाली फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीमों को नेपाल रवाना किया गया है. इसके साथ ही सुरंग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक स्पेशलाइज्ड टनल रेस्क्यू टीम भी भेजी गई है, जो जल्द ही काठमांडू पहुंचने वाली है.

रसुवा हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से चार भारतीय नागरिक रेस्क्यू

विदेश मंत्रालय ने नेपाल में फंसे और रेस्क्यू किए गए भारतीय नागरिकों को लेकर भी ताजा जानकारी दी है. मंत्रालय के अनुसार, नेपाल के रसुवा स्थित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से शनिवार, 29 अगस्त 2026 को चार भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. रेस्क्यू किए गए भारतीय नागरिकों के नाम रिपु कुमार, चनेश्वर नरजरी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिन्हाज-उद्दीन बताए गए हैं. ये सभी जल्द ही काठमांडू पहुंचेंगे.

विदेश मंत्रालय ने क्या दी जानकारी?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार (29 अगस्त, 2026) को एक आधिकारिक बयान में नेपाल बाढ़ त्रासदी के बाद रेस्क्यू अभियान को लेकर ताजा अपडेट जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि भारत से छह फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीमों को मृतकों की पहचान और उनके डीएनए सैंपल की जांच के लिए भेजा गया है, जो आज शनिवार (29 अगस्त) को राजधानी काठमांडू पहुंचने वाले हैं.’

उन्होंने कहा, ‘इसके साथ ही, टनल में फंसे लोगों का रेस्क्यू करने के लिए एक स्पेशलाइज्ड टेक्निकल टीम को सर्वेक्षण के लिए शुक्रवार (28 अगस्त, 2026) को भेजा गया था, जिसने शनिवार (29 अगस्त) को प्रभावित इलाके में सुरंग में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया और उनकी सिफारिश पर एक स्पेशलाइज्ड टनल रेस्क्यू टीम जरूरी उपकरणों के साथ आज नेपाल पहुंचने वाली है.’ 

रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘आज शनिवार (29 अगस्त) को 120 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल की सीमा में पहुंचे हैं. इसके अलावा, अब तक कुल 88 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है, 287 भारतीय अभी तक लापता हैं, जबकि भारतीय मूल के 128 अन्य लोग भी लापता हैं.’

नेपाल में 669 लोगों की मौत, 2400 से ज्यादा लापता

नेपाल पुलिस के आधिकारिक बयान के मुताबिक, बुधवार 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 669 हो गई है. अब तक 626 मृतकों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. पुलिस ने बताया कि भारत से रेस्क्यू टीम नेपाल पहुंच चुकी है और चीन से भी एक रेस्क्यू टीम जल्द वहां पहुंचने वाली है. ऐसे में प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान को और तेज किए जाने की कोशिश की जा रही है.

पड़ोसी देशों के संपर्क में नेपाल सरकार

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि राहत अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रभावित लोगों तक तुरंत और हर जरूरी मदद पहुंचाना है. इसमें इमरजेंसी मेडिकल केयर, भोजन, सुरक्षित पानी, अस्थायी शेल्टर और अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं. उन्होंने कहा कि नेपाल सरकार अपने करीबी पड़ोसी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ लगातार संपर्क और समन्वय कर रही है, ताकि इस आपदा से प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाई जा सके.

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