PM Modi Pezeshkian Talk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत की. ईरान और अमेरिका के बीच हुए हालिया शांति समझौते के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली आधिकारिक बातचीत रही. इस दौरान राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पश्चिम एशिया के ताजा घटनाक्रम और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी को दी. इससे पहले दोनों नेताओं के बीच मार्च 2025 में बातचीत हुई थी, जब प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पेजेशकियन को ईद और नौरोज की शुभकामनाएं दी थीं.
बातचीत और कूटनीति पर भारत का जोर
वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हालिया शांति समझौते का स्वागत किया और कहा कि भारत का हमेशा से मानना रहा है कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए ही संभव है. उन्होंने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार संवाद जारी रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया.
Spoke with the President of Iran, Dr. Masoud Pezeshkian, on the recent developments in West Asia. Welcomed the progress made in the negotiations and expressed hope that continued efforts will lead to lasting peace in the region. Reiterated the importance of freedom of navigation…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 30, 2026
समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को निर्बाध बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती के लिए समुद्री परिवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है.
एक्स पर साझा की बातचीत की जानकारी
बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने वार्ता में हुई प्रगति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि निरंतर कूटनीतिक प्रयासों से क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी. प्रधानमंत्री ने भारत और वैश्विक व्यापार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता के महत्व को भी दोहराया.
ईरान-अमेरिका वार्ता जारी
18 जून को ईरान और अमेरिका के बीच पश्चिम एशिया में जारी तनाव कम करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसमें लेबनान से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं. दोनों देश अब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में संभावित राहत से जुड़े विषयों पर अंतिम समझौते की दिशा में बातचीत कर रहे हैं.
खामेनेई की अंतिम विदाई में भारत का प्रतिनिधित्व
सूत्रों के अनुसार, ईरान के पूर्व सुप्रीम नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई को निधन के लगभग 130 दिन बाद 4 जुलाई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. इस अवसर पर भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा अंतिम संस्कार और दफनाने की रस्मों में शामिल होकर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.
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