उत्तर भारत वालों को भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, जमकर होने वाली है बारिश, IMD ने जारी किया अलर्ट

India Monsoon 2026: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होता दिख रहा है. भीषण गर्मी और उमस से परेशान उत्तर भारत के लोगों को आने वाले दिनों में बड़ी राहत मिल सकती है.

North India Weather to get relief from scorching heat heavy rainfall expected IMD issues alert
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India Monsoon 2026: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होता दिख रहा है. भीषण गर्मी और उमस से परेशान उत्तर भारत के लोगों को आने वाले दिनों में बड़ी राहत मिल सकती है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लेकर जम्मू-कश्मीर तक करीब 1,500 किलोमीटर लंबी मानसून ट्रफ सक्रिय हो गई है, जो भारी बारिश का प्रमुख कारण बन रही है.

26 राज्यों में सक्रिय हुआ मानसून

आईएमडी के मुताबिक मंगलवार तक मानसून ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्सों में दस्तक दे दी है. इसके साथ ही देश के लगभग 26 राज्यों में मानसून सक्रिय हो चुका है.

हालांकि, 24 जून को मध्य प्रदेश और गुजरात में पहुंचने के बाद मानसून की रफ्तार कुछ दिनों के लिए धीमी हो गई थी. इस दौरान दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था और लोग भीषण गर्मी से परेशान रहे.

1,500 किलोमीटर लंबी मानसून ट्रफ बनी बारिश की वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से जम्मू-कश्मीर तक फैली यह मानसून ट्रफ एक कम दबाव वाली लंबी पट्टी होती है, जिसे मानसून की “रीढ़” माना जाता है. यह ट्रफ अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर देश के अंदरूनी हिस्सों में बारिश कराती है. इसके सक्रिय होने से उत्तर भारत में तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है.

1 से 4 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान

आईएमडी ने अनुमान जताया है कि 1 से 4 जुलाई के बीच बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और गरज-चमक की भी संभावना है. पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बादल फटने का खतरा बना रह सकता है, जबकि मैदानी इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की आशंका जताई गई है.

दिल्ली-एनसीआर को मिलेगी राहत, लेकिन सावधानी जरूरी

दिल्ली-एनसीआर में भी आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट और बारिश की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के दौरान तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है.

पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ की स्थिति

दूसरी ओर, पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं. अरुणाचल प्रदेश और असम में कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. अरुणाचल की लेकू नदी का जलस्तर बढ़ने से असम के जोनाई क्षेत्र में जलभराव हो गया है.

राष्ट्रीय राजमार्ग-515 के कई हिस्से पानी में डूब गए हैं. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, राज्य के छह जिलों में 22 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि धेमाजी जिले के 96 गांव जलमग्न हो चुके हैं.

हादसे और राहत कार्य जारी

बारिश से जुड़ी घटनाओं में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में एक पेड़ ई-रिक्शा पर गिरने से पांच लोगों की मौत हो गई. वहीं हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र में बर्फ पिघलने के बाद अचानक आई बाढ़ से हालात खराब हो गए हैं. प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की है.

देश में मौसम की दोहरी तस्वीर

हालांकि एक तरफ बारिश और बाढ़ का खतरा है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में अभी भी गर्मी बनी हुई है. रोहतक में 43.5°C, दिल्ली में 43.4°C और बांदा में 43.2°C तापमान दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में अभी भी हीटवेव जैसी स्थिति बनी रह सकती है.

कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

  • 1 जुलाई: छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, केरल, गोवा, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना
  • राजस्थान में धूलभरी हवाओं के साथ बारिश संभव
  • बिहार में 50–60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी का अनुमान
  • 2 जुलाई: आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट
  • सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक के तटीय क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग की चेतावनी

आईएमडी ने कहा है कि अगले चार दिन देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. मानसून ट्रफ के सक्रिय होने से जहां उत्तर भारत को राहत मिलेगी, वहीं बाढ़, भूस्खलन और भारी बारिश जैसी चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं. ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.

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