संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी पहली ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराने के बाद, सीरिया के नए राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने मंगलवार को एक गंभीर चेतावनी जारी की है. उन्होंने कहा कि यदि इजरायल उनके देश की संप्रभुता का सम्मान करते हुए सुरक्षा समझौता करने में असफल रहता है, तो पूरा मध्य-पूर्व फिर से संकट के गर्त में जा सकता है. हालांकि शरा ने यह भी माना कि सीरिया इजरायल से खतरा नहीं पैदा करता बल्कि उन्हें खुद इजरायल से डर लगता है.
दिसंबर में बशर अल-असद के लंबे शासन के बाद सत्ता संभालने वाले अहमद अल-शरा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता इजरायल के साथ स्थायी और सुरक्षित समझौते पर काम करना है. उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल जानबूझकर बातचीत में देरी कर रहा है और उनकी सीमाओं का उल्लंघन लगातार कर रहा है. शरा ने स्पष्ट किया कि सीरिया किसी भी तरह के देश के बंटवारे को स्वीकार नहीं करेगा और उनकी सरकार डूज अल्पसंख्यक सहित सभी समुदायों के हितों की रक्षा कर रही है.
क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा
शरा ने बताया कि जॉर्डन पर दबाव है और अगर सीरिया बंटा तो इसका असर इराक और तुर्की पर भी पड़ेगा, जिससे क्षेत्र में स्थिरता खतरे में पड़ सकती है. उन्होंने याद दिलाया कि सीरिया ने डेढ़ दशक के खूनी युद्ध के बाद अभी-अभी स्थिरता की ओर कदम बढ़ाए हैं.
अमेरिका के मध्यस्थता प्रयास
मध्यस्थता कर रहे अमेरिका के विशेष दूत टॉम बरैक ने संकेत दिए हैं कि सीरिया और इजरायल के बीच "डि-एस्केलेशन" यानी तनाव कम करने का समझौता करीब है. इसके तहत इजरायल हवाई हमले और घुसपैठ बंद करेगा, जबकि सीरिया सीमा के निकट कोई भारी हथियार नहीं तैनात करेगा. बरैक ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के लिए पहला कदम होगा और सभी पक्ष अच्छे इरादों के साथ आगे बढ़ रहे हैं.
गोलान हाइट्स और डूज समुदाय पर तनाव
गोलान हाइट्स के मुद्दे पर शरा ने कहा कि वे चाहते हैं कि इजरायल उनके क्षेत्र में तैनात सैनिकों को वापस बुलाए और हवाई हमले बंद करे. असद के शासन के पतन के बाद से इजरायल ने बार-बार सैन्य कार्रवाई की है ताकि सीरियाई सैन्य शक्ति को कम किया जा सके. साथ ही, दक्षिणी सीरिया में डूज समुदाय पर हमलों को रोकने के लिए भी इजरायल ने हस्तक्षेप किया है.
ट्रंप प्रशासन की भूमिका और समझौते में देरी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सुरक्षा समझौते की घोषणा जल्द करने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन फिलहाल यह प्रक्रिया धीमी है, खासकर यहूदी नववर्ष रोश हशाना के कारण. ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी के अनुसार, यह समझौता लगभग तैयार है और अगले दो हफ्तों में इसका ऐलान हो सकता है.
इजरायल की सतर्क प्रतिक्रिया
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हाल ही में कहा कि सीरिया और लेबनान के साथ शांति का एक नया अवसर सामने आया है, खासकर हिजबुल्लाह को हुए नुकसान के बाद. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सीरिया के साथ किसी भी समझौते को अंतिम रूप देने में अभी वक्त लगेगा.
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