Sushil Kumar Modi: जेपी आंदोलन से अपनी छाप छोड़ने वाले सुशील मोदी ने की है चारों सदन की यात्रा, जानें उनका राजनीतिक सफर

Sushil Kumar Modi: जेपी आंदोलन से अपनी छाप छोड़ने वाले सुशील मोदी ने की है चारों सदन की यात्रा, जानें उनका राजनीतिक सफर
Sushil Kumar Modi: जेपी आंदोलन से अपनी छाप छोड़ने वाले सुशील मोदी ने की है चारों सदन की यात्रा, जानें उनका राजनीतिक सफर

नई दिल्लीः बीच लोकसभा चुनाव भाजपा के लिए 13 मई की देर रात एक दुखद खबर आई. बता दें कि बिहार भाजपा के दिग्गज और दो बार नीतीश कुमार की सरकार में डिप्टी सीएम रहे सुशील कुमार मोदी ने 72 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा. बता दें कि वो लंबे समय से बीमार थे और गले की कैंसर से जूझ रहे थे. उनका इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा था। इस बात की जानकारी कुछ दिनों पहले उन्होंने खुद दी थी और कहा था कि बीमार होने के कारण मैं लोकसभा चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाऊंगा. जिसके बाद नीतीश कुमार से लेकर लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप तक उनसे मिलने गए थे. कुछ दिन पहले उनकी एक तस्वीरें भी सामने आई थी. जिसमे वो व्हीलचेयर का सहारा लेते हुए दिखाई दिए थे. 

जेपी आंदोलन ने दिलाई पहचान   

बता दें कि वर्ष 1974 में जेपी आंदोलन के दौरान सुशील मोदी ने अहम भूमिका निभाई थी. वो छात्र जीवन से ही सियासत में सक्रिय थे. वो 1973 से 1977 के बीच वह पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के महामंत्री थे। सुशील मोदी 1990 में मुख्य रुप से राजनीति में शामिल हो गए और उन्होंने 'पटना सेंट्रल' विधानसभा (अब कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र) से चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे.

लगाार 19 महीने तक जेल में भी रहे सुशील कुमार मोदी

सुशील कुमार मोदी अपने राजनीतक करियर में जेल की यात्रा भी की. जेपी आंदोलन और इमरजेंसी के दौरान उन्हें पांच बार अरेस्ट किया गया. 1974 में छात्र आंदोलन के दौरान भी उन्हें एक बार अरेस्ट किया गया था.इमरजेंसी के दौरान जब उन्हें गिरफ्तार किया गया था तो वह 19 महीने तक लगातार जेल में थे.

तीन बार विधायक बने

सुशील कुमार मोदी कुल तीन बार विधायक चुने गए.  पहली बार 1990, फिर 1995 और फिर 2000 में वे विधायक चुने गए थे. 2020 में पहली बार वो राज्यसभा भी गए थे.  हालांकि इसी साल कुछ दिन पहले उनका कार्यकाल समाप्त हुआ था और उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया गया था.सुशील कुमार मोदी की गिनती भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में होती है.वह विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे थे. सुशील मोदी तीन बार बिहार के उप मुख्यमंत्री भी बने थे. उनके पास वित्त सहित कई अहम विभाग थे. सुशील मोदी एक बार लोकसभा सांसद भी बने. साथ ही वह जीएसटी काउंसिल के प्रमुख रहे.

राम मंदिर आंदोलन के दौरान गए जेल  

इमरजेंसी के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का स्टेट सेक्रेटरी सुशील मोदी को बना दिया गया था. सुशील कुमार मोदी ने एबीवीपी के महत्वपूर्ण पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है.वहीं दूसरी ओर बांकीपुर, फुलवारी, बक्सर, हजारीबाग, दरभंगा, भागलपुर जेल और पीएमसीएच कैदी वार्ड में कारा अवधि में उन्हें बंद किया गया था. वो राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान 10 दिनों की जेल-यात्रा की.

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