फिल्म: सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी
समय: 2 घंटा 14 मिनट
निर्देशक: शशांक खेतान
स्टार कास्ट: वरुण धवन, जान्हवी कपूर, सान्या मल्होत्रा, रोहित सराफ, मनीष पॉल और अक्षय ओबेरॉय
रेटिंग्स: 2.5 ⭐
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari Movie Review: फिल्म का सबसे बड़ा फ्लॉप पॉइंट इसकी कहानी है. 90s के बॉलीवुड फॉर्मूले को 2025 में फिर से परोसने की नाकाम कोशिश की गई है. हीरो-हीरोइन की लव स्टोरी, पारिवारिक ड्रामा, और ओवर द टॉप इमोशनल डायलॉग सब कुछ इतना प्रेडिक्टेबल है कि इंटरवल से पहले ही एंडिंग समझ आ जाती है.
लव स्टोरी में न नया ट्विस्ट है, न कोई फ्रेशनेस. लगता है जैसे पुरानी हिंदी फिल्मों के सीन को कॉपी-पेस्ट कर दिया गया हो.
जबरदस्ती ठूंसे गए इमोशनल सीन्स
शशांक खेतान का निर्देशन इस बार पूरी तरह निराश करता है. उन्होंने हम्प्टी शर्मा और बद्रीनाथ की दुल्हनिया जैसी फिल्मों में थोड़ा मास एंटरटेनमेंट दिया था, लेकिन यहाँ सबकुछ बनावटी लगता है. इमोशनल सीन्स जबरदस्ती ठूंसे गए हैं. कॉमेडी पंच लाइन ज़बरदस्ती और फ्लैट लगती है. स्क्रीनप्ले बेहद खिंचा हुआ और बोरिंग है.
रोमांटिक सीन में केमिस्ट्री ज़ीरो
वरुण धवन अपनी वही पुरानी ओवर एनर्जेटिक एक्टिंग, जिसमें कोई ग्रोथ नहीं दिखती. हर सीन में वही बनावटी "संस्कारी" लड़के की इमेज चिपकाई गई है, जो दर्शकों को इरिटेट करती है. जाह्नवी कपूर: लकड़ी जैसे एक्सप्रेशंस, डायलॉग डिलीवरी बेहद कमजोर. रोमांटिक सीन में केमिस्ट्री ज़ीरो. साइड कैरेक्टर्स भी बस फिल्म का टाइम बढ़ाने के लिए लाए गए हैं. धर्मा प्रोडक्शन्स की फिल्मों की पहचान रहा है बड़ा म्यूज़िक, लेकिन यहाँ गाने ज़्यादातर रीमिक्स और बेकार बोल वाले हैं. कोई भी गाना याद रखने लायक नहीं.
सिनेमैटोग्राफी व प्रोडक्शन (Technical Aspects)
फिल्म की विज़ुअल्स और लोकेशन्स अच्छे हैं, लेकिन कहानी और कंटेंट इतने कमजोर हैं कि खूबसूरत सेट भी बेकार लगते हैं. एडिटिंग ढीली है, कई सीन खींचे हुए और बेमतलब. मैं खुद इंटरवल तक ऊब चुका था. थिएटर में सीटी बजाने वाला कोई सीन नहीं, रोने वाला कोई इमोशन नहीं और हंसाने वाली कोई कॉमेडी नहीं.
ओवरहाइप्ड... कंटेंटलेस प्रोडक्ट
“Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumari” पूरी तरह से एक ओवरहाइप्ड लेकिन कंटेंटलेस प्रोडक्ट है. धर्मा प्रोडक्शन्स को लगता है कि सिर्फ ग्लैमरस स्टारकास्ट और बड़े सेट से फिल्म हिट हो जाएगी, लेकिन असल में यह फिल्म 2025 की सबसे बड़ी निराशा साबित होती है. अगर आप सच में एंटरटेनमेंट चाहते हैं, तो इस फिल्म को स्किप करना ही बेहतर है.
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