The Taj Story Controversy: बॉलीवुड अभिनेता परेश रावल की अपकमिंग फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ इन दिनों सुर्खियों में है, लेकिन फिल्मों के सामान्य प्रचार से अलग, इस बार चर्चा का केंद्र बना है एक पोस्टर, जिसने धार्मिक भावनाओं को लेकर विवाद खड़ा कर दिया है. फिल्म पर इतिहास से छेड़छाड़ और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया जा रहा है.
हालांकि, फिल्म के निर्देशक और लेखक तुषार अमरीश गोयल ने सामने आकर अपनी बात रखते हुए साफ कर दिया है कि यह फिल्म किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है और इसका उद्देश्य केवल मनोरंजन है.
विवाद की वजह क्या है?
बात शुरू हुई एक मोशन पोस्टर से, जिसे परेश रावल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया था. इस पोस्टर में उन्हें ताजमहल की गुंबद उठाते हुए दिखाया गया, और उसके नीचे से भगवान शिव की प्रतिमा निकलती दिखाई गई. पोस्टर के साथ लिखा गया, "क्या हो अगर आपको अब तक जो भी सिखाया गया, वो झूठ निकले तो? सच सिर्फ छिपा हुआ ही नहीं है, बल्कि उसे जज भी किया गया है."
इस दृश्य और लाइन ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया. कई मुस्लिम संगठनों और आम लोगों ने इसे धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाला बताया और फिल्म के विरोध की मांग की.
"हम किसी धर्म के खिलाफ नहीं"
विवाद के बाद निर्देशक तुषार अमरीश गोयल ने एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा, "हमारा ऐसा कोई उद्देश्य नहीं है कि किसी की भावनाएं आहत हों. ये फिल्म पूरी तरह मनोरंजन के मकसद से बनाई गई है. इसमें जो भी बहस दिखाई गई है, वह तथ्यों पर आधारित है — न कि काल्पनिक या मनगढ़ंत."
फिल्म में क्या है खास?
तुषार बताते हैं कि ‘द ताज स्टोरी’ को एक सोशल-लीगल ड्रामा की तरह पेश किया गया है, जिसमें ताजमहल के इतिहास पर एक बहस दिखाई जाती है, कुछ वैसा ही जैसा हमने ‘जॉली एलएलबी’ जैसी फिल्मों में देखा है.
"हम न तो यह कह रहे हैं कि ताजमहल मंदिर है, न ही ये दावा कर रहे हैं कि वहां शिव मंदिर है. हम किसी प्राचीन मान्यता को साबित करने या खंडित करने नहीं आए हैं, बल्कि एक रोचक और विचारोत्तेजक कहानी लेकर आए हैं."
"प्रोपेगैंडा मूवी नहीं है"
डायरेक्टर तुषार ने यह भी स्पष्ट किया कि यह फिल्म किसी राजनीतिक दल या आइडियोलॉजी का प्रचार नहीं करती. ये कोई प्रोपेगैंडा मूवी नहीं है जो किसी पार्टी को सपोर्ट करे. यह एक स्वतंत्र और संतुलित सोच पर आधारित मनोरंजक फिल्म है.
कब रिलीज़ हो रही है फिल्म?
निर्माताओं के अनुसार, फिल्म 31 अक्टूबर 2025 को रिलीज़ होने जा रही है. अब देखना होगा कि फिल्म के रिलीज़ तक यह विवाद ठंडा पड़ता है या और तेज होता है.
यह भी पढ़ें- खत्म हो रहा अमेरिका का डर! भारत-ईरान-आर्मेनिया ने मिलकर बनाया बड़ा प्लान, चीन की उड़ जाएगी नींद!