Sunetra Pawar Education: महाराष्ट्र की राजनीति एक अत्यंत संवेदनशील और ऐतिहासिक दौर से गुजर रही है. हाल ही में बारामती में एक विमान दुर्घटना में वरिष्ठ एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के कद्दावर नेता अजित पवार की दुखद मृत्यु हो गई. यह घटना राज्य की राजनीति को एक गहरे सदमे में डालने वाली थी, और इसके बाद कई तरह के राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं. अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को राज्य की नई उपमुख्यमंत्री बनाया गया है. उन्होंने आज यानी शनिवार 31 जनवरी 2026 को डिप्टी सीएम पद की शपथ ली.
शिक्षा और प्रशासनिक समझ
सुनेत्रा पवार को शैक्षिक दृष्टिकोण से एक सक्षम और पढ़ी-लिखी नेता माना जाता है. उन्होंने 1983 में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने एस.बी. आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज, औरंगाबाद से पोस्ट-ग्रेजुएशन भी किया. इस शिक्षा ने उन्हें आर्थिक, प्रबंधन और प्रशासनिक विषयों की गहरी समझ दी, जो उन्हें अपने सार्वजनिक जीवन में मददगार साबित हुई है.
पर्यावरण और सामाजिक कार्यों में सक्रियता
राजनीति के अलावा, सुनेत्रा पवार ने हमेशा से समाज और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया है. उन्होंने कई ऐसे कोर्स किए हैं जो पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास से संबंधित हैं. वह 'Environmental Forum of India' की फाउंडर हैं, जो एक संगठन है, जो सस्टेनेबिलिटी और जल संरक्षण के लिए काम करता है. इस क्षेत्र में उनकी सक्रियता और फोकस, राजनीति के अलावा उनके सामाजिक कार्यों का एक अहम हिस्सा है, जो उनकी नेतृत्व क्षमता को और अधिक निखारता है.
राजनीति में प्रवेश और संघर्ष
सुनेत्रा पवार का जन्म 18 अक्टूबर 1963 को महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में हुआ था. वह एनसीपी के वरिष्ठ नेता पद्मसिंह पाटिल की बेटी हैं, जिन्होंने न केवल राजनीति में बल्कि स्वतंत्रता संग्राम में भी भाग लिया था. यह पारिवारिक परंपरा और संस्कार उनके सार्वजनिक जीवन की नींव बने. सुनेत्रा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की, जब उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती सीट से अपनी ननद सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ा. हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने पार्टी नेतृत्व को उन्हें राज्यसभा भेजने के लिए प्रेरित किया. हालांकि उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया.
अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनने का मौका मिला है, जो उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है. उनके शैक्षिक और सामाजिक कार्यों से यह साफ है कि वह एक सक्रिय और समर्पित नेता हैं. अब इस नए पद पर उनके कार्यकाल को लेकर जनता की निगाहें टिकी हुई हैं. उनका समर्पण और कार्यशैली किस तरह से राज्य की राजनीति में बदलाव लाएगी, यह देखना दिलचस्प होगा.
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