Headaches in Summer: गर्मी का मौसम सिर्फ पसीना और बेचैनी ही नहीं लाता, बल्कि कई लोगों के लिए सिरदर्द की समस्या भी बढ़ा देता है. तेज धूप, शरीर में पानी की कमी, लगातार थकान और बढ़ता तापमान दिमाग पर भी असर डालता है. यही वजह है कि गर्मियों में सिरदर्द और माइग्रेन के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं. कई बार लोग इसे सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह शरीर के किसी बड़े संकेत का हिस्सा भी हो सकता है. अगर आप भी गर्मी के दिनों में बार-बार सिरदर्द से परेशान रहते हैं, तो कुछ आसान घरेलू उपाय आपको राहत दिला सकते हैं.
ये चीज बन सकती है सिरदर्द की सबसे बड़ी वजह
गर्मियों में शरीर से पसीने के रूप में बड़ी मात्रा में पानी और जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं. जब शरीर में पानी की कमी होने लगती है तो रक्त प्रवाह प्रभावित होता है, जिसका असर सीधे दिमाग पर पड़ता है. ऐसे में सिर भारी लगना, दर्द होना और कमजोरी महसूस होना आम बात है. यदि सिरदर्द के साथ शरीर का तापमान भी बढ़ रहा हो तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत किसी ठंडी या छायादार जगह पर आराम करें और सामान्य तापमान का पानी या कोई प्राकृतिक पेय पदार्थ लें.
शरीर को हाइड्रेट रखना है सबसे जरूरी
गर्मी में सिरदर्द से बचने का सबसे आसान तरीका है पर्याप्त मात्रा में पानी पीना. सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी और ओआरएस जैसे पेय पदार्थ भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं. जब शरीर पूरी तरह हाइड्रेट रहता है तो सिरदर्द की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है. इसलिए पूरे दिन नियमित अंतराल पर तरल पदार्थों का सेवन करना जरूरी है.
ठंडी सिकाई से मिल सकती है तुरंत राहत
अगर सिरदर्द गर्मी और बढ़ते तापमान की वजह से हो रहा है तो ठंडी सिकाई काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. इसके लिए एक साफ सूती कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर माथे पर रखें. इससे सिर की नसों को आराम मिलता है और दर्द कम होने लगता है. चाहें तो बाजार में मिलने वाले कोल्ड जेल पैक का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. माथे के साथ गर्दन के पीछे ठंडी सिकाई करने से भी आराम महसूस होता है.
माइग्रेन के मरीज इन बातों का रखें खास ध्यान
गर्मी का मौसम माइग्रेन से पीड़ित लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है. तेज धूप और गर्म हवाएं माइग्रेन के अटैक को ट्रिगर कर सकती हैं. ऐसे में नींबू की खुशबू सूंघना या नींबू पानी पीना राहत पहुंचा सकता है. कुछ लोगों को पुदीना और लैवेंडर जैसे एशेंशियल ऑयल की सुगंध से भी आराम मिलता है. माइग्रेन होने पर शांत, ठंडी और अंधेरी जगह पर आराम करना सबसे बेहतर उपाय माना जाता है. इससे दिमाग को आराम मिलता है और दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है.
पुदीना भी है प्राकृतिक राहत का बेहतरीन विकल्प
पुदीना गर्मियों में सिरदर्द कम करने के लिए एक प्राकृतिक उपाय माना जाता है. इसकी ताजी पत्तियों को पानी में उबालकर तैयार किया गया पेय शरीर को ठंडक पहुंचाता है. इसमें थोड़ा नींबू मिलाकर पीने से ताजगी महसूस होती है. वहीं पुदीने के तेल की कुछ बूंदों से माथे और कानों के पीछे हल्की मालिश करने पर सिरदर्द और तनाव दोनों में राहत मिल सकती है. इसकी ठंडी तासीर शरीर और दिमाग को आराम पहुंचाती है.
कब नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी?
हर सिरदर्द सामान्य नहीं होता. यदि सिरदर्द के साथ चक्कर आना, उल्टी होना, अत्यधिक कमजोरी महसूस होना या शरीर का तापमान तेजी से बढ़ना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए. इसके अलावा यदि पसीना आना बंद हो जाए, त्वचा लाल और अत्यधिक गर्म महसूस हो या दर्द सामान्य से ज्यादा तेज हो, तो यह लू लगने या हीट स्ट्रोक का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
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