रूस-यूक्रेन संघर्ष तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इसी दौरान एक ऐसा हथियार सामने आया है, जिसने आधुनिक युद्ध की समझ को ही बदलकर रख दिया है. जहां अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगी दशकों से महंगी, उन्नत तकनीक वाली मिसाइल प्रणालियों पर निर्भर रहे, जो सीमित संख्या में ही तैयार हो पाती हैं वहीं यूक्रेन ने कम लागत वाले, बड़े पैमाने पर बनाए जा सकने वाले हथियारों की क्षमता का अद्भुत प्रदर्शन किया है.
यूक्रेन की डिफेंस टेक कंपनी Fire Point द्वारा विकसित FP-5 Flamingo को विशेषज्ञ उन हथियारों में गिन रहे हैं जो आधुनिक युद्धक्षेत्र में “सस्ते लेकिन बड़े पैमाने पर विनाश” के नए सिद्धांत को स्थापित कर रहे हैं. यह नई क्रूज़ मिसाइल न सिर्फ रूसी ठिकानों पर गहरे असर डाल रही है, बल्कि अमेरिका की मौजूदा हथियार नीति पर भी गंभीर चर्चा छेड़ चुकी है.
पहला ही हमला बना मिसाइल की पहचान
FP-5 Flamingo को पहली बार रूस के विरुद्ध तब इस्तेमाल किया गया जब यूक्रेन ने तीन मिसाइलों से एक रूसी नौसैनिक ठिकाने को निशाना बनाया. हमले में कई होवरक्राफ्ट नष्ट हुए और ज़मीन में दर्जनों फीट गहरे गड्ढे बने. इसके बाद यह मिसाइल रूसी ऑयल रिफाइनरी और लॉजिस्टिक सुविधाओं को निशाना बनाकर अपनी क्षमता दिखा चुकी है.
यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि इस मिसाइल की कम लागत, लंबी दूरी, और भारी वॉरहेड ने इसे युद्ध के सबसे प्रभावी हथियारों में शामिल कर दिया है.
जंकयार्ड मिसाइल का कॉन्सेप्ट
FP-5 Flamingo की सबसे बड़ी खासियत इसकी निर्माण तकनीक है, जिसे कई रक्षा विश्लेषक “जंकयार्ड क्रूज़ मिसाइल” का नाम दे रहे हैं. कारण यह है कि इस हथियार को ऐसे सामानों से तैयार किया जा रहा है जो पहले पुराने विमानों, परित्यक्त मिसाइलों या गोदामों में रखे बमों में पाए जाते थे.
पुराने इंजन, लेकिन शानदार प्रदर्शन
मिसाइल के पीछे लगाया जाने वाला इंजन बाहरी रूप से फिट किया जाता है. इससे किसी भी उपलब्ध सेकंड-हैंड जेट इंजन को आसानी से लगाया जा सकता है.
प्रदर्शित मॉडल में ऐसा इंजन लगाया गया था जो Czech L-39 ट्रेनर जेट से निकाला गया पुराना AL-25 था. इससे उत्पादन की लागत तो कम होती ही है, साथ ही इंजन की आपूर्ति भी आसान हो जाती है.
वॉरहेड को किया रीसाइक्लिंग
जहां अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए वॉरहेड बनाए जाते हैं, वहीं Flamingo में सोवियत काल के FAB-1000 एयर बम का उपयोग किया जा रहा है.
एक टन वज़नी यह बम अपने आप में जबरदस्त विस्फोटक क्षमता रखता है, और यूक्रेन के पास ऐसे हजारों बम मौजूद हैं.
इस व्यवस्था से मिसाइल न केवल शक्तिशाली होती है बल्कि इसकी संख्या भी तेजी से बढ़ाई जा सकती है.
कार्बन-फाइबर मोनो-बॉडी से तेज उत्पादन
FP-5 का ढांचा कार्बन फाइबर की एक ही टुकड़ी से ‘स्पिन-फॉर्म’ प्रक्रिया द्वारा तैयार किया जाता है. इससे निर्माण तेज होता है, वजन कम रहता है और मिसाइल की एरोडायनेमिक क्षमता बेहतर बनती है.
टॉमहॉक बनाम फ्लेमिंगो
यूक्रेन की FP-5 Flamingo और अमेरिका की मशहूर Tomahawk मिसाइल के बीच तुलना ने वैश्विक सैन्य समुदाय में बड़ी बहस छेड़ी है. मुख्य अंतर इस प्रकार हैं:
निर्माण गति भी बेहद उल्लेखनीय है. यूक्रेनी निर्माता दावा करते हैं कि उनकी फैक्ट्री रोज़ाना कम से कम एक मिसाइल तैयार कर सकती है और जल्द ही इसे सात मिसाइल प्रति दिन तक बढ़ाया जाएगा.
इसके उलट अमेरिकी मिसाइल उत्पादन काफी सीमित है और Tomahawk की वार्षिक संख्या पश्चिमी सैन्य जरूरतों की तुलना में बहुत कम है.
गाइडेंस सिस्टम: सस्ता, लेकिन प्रभावी
Fire Point ने अपने नेविगेशन और गाइडेंस सिस्टम के बारे में पूरी जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन FP-1 श्रृंखला की तकनीक के आधार पर यह माना जा रहा है कि FP-5 में आधुनिक:
शामिल हैं.
निर्माताओं का कहना है कि इसकी सटीकता लगभग 50 फीट के भीतर रहती है और एक-टन वॉरहेड के साथ यह अंतर युद्धक्षेत्र में निर्णायक साबित होता है.
ये भी पढ़ें- सीजफायर के बावजूद लेबनान में इजरायल की एयरस्ट्राइक! हिजबुल्लाह के चीफ ऑफ स्टाफ की मौत, छिड़ेगी जंग?