Tejas Mark-1 A Fighter Jet: महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने देश के सबसे एडवांस्ड स्वदेशी फाइटर जेट तेजस एमके-1ए का सफल परीक्षण पूरा कर लिया है. यह विमान भारतीय वायुसेना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है. HAL की मेहनत और देश के तकनीकी कौशल का नतीजा है यह विमान, जो भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा.
तेजस एमके-1ए की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके पंखों में नौ अलग-अलग जगहों पर मिसाइलों को फिट किया जा सकता है. इससे यह एक साथ कई लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम बनता है. इसकी रफ्तार 2200 किलोमीटर प्रति घंटा है, जो आवाज़ की गति से लगभग दोगुनी तेज़ है. यह विमान न केवल अत्याधुनिक तकनीक से लैस है, बल्कि बेहद फुर्तीला और प्रभावशाली भी है.
एक तेजस की लागत और देश की उद्योग भागीदारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक तेजस एमके-1ए की औसत कीमत लगभग 600 करोड़ रुपये है. इसके उत्पादन में देश की 500 से अधिक घरेलू कंपनियां शामिल हैं, जिससे यह विमान पूरी तरह ‘स्वदेशी’ कहा जा सकता है. HAL ने इसके 65% से ज्यादा उपकरण भारत में ही बनाए हैं, जो भारतीय रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता का प्रतीक है.
आधुनिक तकनीक से लैस LCA मार्क-1ए
LCA (Light Combat Aircraft) मार्क-1ए तेजस का उन्नत संस्करण है, जिसमें नए एवियॉनिक्स सिस्टम और आधुनिक रडार तकनीक शामिल है. यह अपग्रेड विमान की युद्धक क्षमता और सटीकता को और बेहतर बनाता है. भारतीय वायुसेना के लिए यह एक बड़ा कदम है क्योंकि यह पुराने मिग-21 विमानों की जगह लेगा.
वायुसेना को सौंपा जाएगा तेजस एमके-1ए
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में 17 अक्टूबर, 2025 को इस विमान को आधिकारिक रूप से भारतीय वायुसेना को सौंपा जाएगा. यह समारोह भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सुरक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है.
62,370 करोड़ रुपये की बड़ी डील
25 सितंबर, 2025 को केंद्र सरकार ने HAL को 97 अतिरिक्त तेजस एमके-1ए फाइटर जेट बनाने का ठेका दिया है. इस डील की कुल कीमत लगभग 62,370 करोड़ रुपये है. यह डील वायुसेना के पुराने मिग-21 विमानों की जगह तेजस को लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. मिग-21 को हाल ही में 26 सितंबर को रिटायर किया गया, जिसने लगभग 62 वर्षों तक सेवा दी.
पाकिस्तान सीमा के पास नाल एयरबेस
तेजस एमके-1ए को राजस्थान के बीकानेर के नाल एयरबेस पर तैनात करने की योजना है. यह एयरबेस पाकिस्तान सीमा के बेहद नज़दीक है, इसलिए इसकी तैनाती रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इससे वायुसेना की सीमा सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई की क्षमता बढ़ेगी.
प्रधानमंत्री मोदी का तेजस में उड़ान भरना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर 2022 को बेंगलुरु में तेजस फाइटर जेट में उड़ान भरने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे. उन्होंने HAL के प्लांट का दौरा भी किया था, जहां इस विमान का निर्माण होता है. यह उड़ान भारत की स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं में देश के नेतृत्व और विश्वास का प्रतीक बनी.
तेजस से भारत की रक्षा ताकत को मिलेगी नई दिशा
तेजस एमके-1ए के सफल परीक्षण और जल्द ही वायुसेना को सौंपे जाने से भारत की वायु सेना की ताकत को मजबूती मिलेगी. यह विमान न केवल आधुनिक तकनीक से लैस है, बल्कि स्वदेशी होने के कारण देश की रक्षा आत्मनिर्भरता में भी इजाफा करेगा. मिग-21 के बाद अब तेजस नई पीढ़ी का फाइटर जेट बनकर भारतीय आसमान की सुरक्षा करेगा.
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