दुनिया में शराब से जुड़े नियम अक्सर चर्चा का विषय रहे हैं, क्योंकि कई देशों में इसके कानून इतने अजीब और सख्त होते हैं कि सुनने वालों को यकीन नहीं होता. वहीं कुछ देशों में शराब पर सख्त पाबंदियां हैं, तो कहीं इसे लेकर बेहद ढीले नियम हैं. हाल ही में सऊदी अरब ने शराब से जुड़े अपने नियमों में बदलाव किए हैं, जिनके कारण अब सोशल मीडिया पर बहस हो रही है. तो आइए सऊदी अरब के इस नए नियम के बारे में जानते हैं.
शराब खरीदने के लिए दिखानी होगी सैलरी स्लिप
अब तक सऊदी अरब में शराब की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह से पाबंदी थी, लेकिन हाल ही में इस मुस्लिम देश ने अपने नियमों में ढील दी है. अब, यदि कोई गैर-मुस्लिम विदेशी शराब खरीदने का इच्छुक है, तो उसे अपनी सैलरी स्लिप दिखानी होगी. यह नियम केवल उन लोगों पर लागू होगा जिनकी मासिक आय कम से कम 50,000 रियाल (करीब 11 लाख रुपये) हो. यानी, अब अमीर लोगों को शराब खरीदने का मौका मिलेगा, जबकि गरीबों के लिए यह रास्ता बंद रहेगा.
शराब खरीदने के लिए "प्रीमियम रेजीडेंसी" का होना होगा फायदा
अब तक रियाद में एक दुकान थी, जहां केवल विदेशी राजनयिक शराब खरीद सकते थे. लेकिन अब वहां के नियम में बदलाव किया गया है. सऊदी अरब में प्रीमियम रेजीडेंसी वाले गैर-मुस्लिम नागरिकों को भी शराब उपलब्ध कराई जा रही है. इस प्रीमियम रेजीडेंसी को प्राप्त करने वाले लोग अब यहां लंबे समय तक रह सकते हैं, काम कर सकते हैं, और यहां तक कि संपत्ति भी खरीद सकते हैं. यह व्यवस्था 2019 में शुरू की गई थी और इसे सऊदी "ग्रीन कार्ड" भी कहा जाता है.
ग्रीन कार्ड क्या है?
सऊदी ग्रीन कार्ड, या प्रीमियम रेजीडेंसी, उन लोगों को दी जाती है जो पेशेवर, व्यवसायी या निवेशक होते हैं. इस योजना के तहत, लाभार्थी सऊदी अरब में नौकरी कर सकते हैं, रह सकते हैं और संपत्ति खरीद सकते हैं. इस कार्ड के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को 21 वर्ष से ऊपर होना चाहिए, मेडिकल परीक्षण पास करना होता है, आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उन्हें पर्याप्त धन भी होना चाहिए, ताकि वे खुद और अपने परिवार का खर्च उठा सकें.
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
सऊदी अरब के नए शराब नियम को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इस नए नियम की आलोचना कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे समर्थन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा, "यह नियम केवल अमीरों को फायदा पहुंचाता है." दूसरे ने इस पर तंज करते हुए कहा, "शराब खरीदने के लिए आय का सबूत दिखाना पागलपन है." एक अन्य यूजर ने कहा, "गरीबों को शराब नहीं मिलना बहुत अजीब है," जबकि कुछ ने इसे "अमीरों के लिए कानून, गरीबों के लिए पाबंदी" की मानसिकता करार दिया. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे सऊदी अरब के लंबे समय तक आम लोगों पर लागू किए गए सख्त नियमों के बाद अब केवल अमीरों के लिए यह नियम बदलने पर सवाल उठाया.
ये भी पढ़ें: OMG! एक ऐसा गाना, जिसे सुनकर 100 से ज्यादा लोगों ने कर लिया था सुसाइड, 62 साल के लिए लगाना पड़ा था बैन