महाराष्ट्र की राजनीति में नया भूचाल, UBT में टूट की आहट; 9 में से 7 सांसद हो सकते हैं अलग

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं. शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस से ठीक पहले उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लगने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही हैं.

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महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं. शिवसेना के 60वें स्थापना दिवस से ठीक पहले उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लगने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही हैं. सूत्रों के हवाले से ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि पार्टी के कई सांसद और विधायक बगावत का रास्ता अपना सकते हैं. यदि यह घटनाक्रम होता है तो यह उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है.

लोकसभा सांसदों में टूट की अटकलें

जानकारी के मुताबिक शिवसेना (यूबीटी) के लोकसभा सांसदों के बीच असंतोष की स्थिति बनी हुई है. खबरों में दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 9 सांसदों में से 7 सांसद अलग गुट बनाने की तैयारी में हैं. इसके बाद यह गुट एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय कर सकता है.

बताया जा रहा है कि भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय देशमुख, अरविंद सावंत, संजय जाधव, संजय पाटिल, नागेश बापूराव अष्टिकर, श्री राजाभाऊ वाजे और संजय दिना पाटील का नाम संभावित बागी सांसदों में शामिल बताया जा रहा है. हालांकि इन खबरों पर अभी तक संबंधित नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

जल्द हो सकती है बड़ी राजनीतिक हलचल

सूत्रों के अनुसार आने वाले एक-दो दिनों के भीतर यह राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ सकता है. बताया जा रहा है कि संभावित बागी सांसद लोकसभा स्पीकर से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने के लिए पत्र भी सौंप सकते हैं. इसी बीच पार्टी में संभावित टूट को रोकने के प्रयास भी तेज हो गए हैं. जानकारी के मुताबिक शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता अनिल देसाई और राज्यसभा सांसद संजय राउत दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश कर रहे हैं.

विधायकों के पार्टी छोड़ने का भी दावा

सिर्फ सांसदों तक ही यह मामला सीमित नहीं है. एकनाथ शिंदे गुट के नेता और विधायक कृपाल तुमाणे ने भी बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि संसद के शीतकालीन सत्र से पहले कुल सात सांसद अलग गुट बनाएंगे और यह फैसला संबंधित सांसदों द्वारा लिया जा चुका है. कृपाल तुमाणे ने इसके साथ ही यह भी दावा किया कि उद्धव ठाकरे के साथ मौजूद 16 विधायकों में से 14 विधायक भी पार्टी छोड़ सकते हैं. उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है.

नेताओं की नाराजगी को बताया जा रहा वजह

केंद्रीय राज्यमंत्री और शिंदे गुट के नेता प्रतापराव जाधव ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि उद्धव ठाकरे के साथ मौजूद सांसदों और विधायकों के बीच असंतोष है. उन्होंने दावा किया कि पार्टी में जनप्रतिनिधियों को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल रहा है, जिसके कारण कई नेता पार्टी छोड़ने का मन बना चुके हैं. प्रतापराव जाधव ने कहा कि यही वजह है कि कई सांसद और विधायक नए राजनीतिक विकल्पों की तलाश कर रहे हैं और जल्द ही इस संबंध में बड़ा फैसला सामने आ सकता है.

'ऑपरेशन टाइगर' पर भी हुई बयानबाजी

राजनीतिक हलकों में चर्चा में बने 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर भी बयानबाजी जारी है. जब प्रतापराव जाधव से पूछा गया कि यह अभियान कब शुरू होगा तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसकी जानकारी तो संजय राउत ही बेहतर तरीके से दे सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि संजय राउत ने मानो यह ठान लिया है कि उद्धव ठाकरे की पार्टी को खत्म करके ही रहना है. इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है.

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