Ishaq Dar Sexual Assault: पाकिस्तान में दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एक नया खुलासा हुआ है. इस मामले की एक पीड़िता ने अदालत में दिए अपने बयान में दावा किया है कि मुख्य आरोपी मुहम्मद रजा डार ने उन्हें छोड़ने के बदले 1 लाख अमेरिकी डॉलर की फिरौती ली थी. मुहम्मद रजा डार को पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का रिश्तेदार बताया जा रहा है.
अदालत में दर्ज कराया बयान
रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता एस्ट्रिड गैब्रिएला रॉबिन्सन ब्राचो ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 164 के तहत अपना बयान दर्ज कराया. अपने बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने उनकी रिहाई के लिए भारी रकम की मांग की और पैसे मिलने के बाद ही उन्हें छोड़ने की बात कही.
लाहौर पहुंचते ही हुआ हमला
पीड़िता ने बताया कि वह अपनी दोस्त स्टेफनी एड्रियाना के साथ सिंगापुर से लाहौर पहुंची थीं. दोनों एक जगह ठहरी हुई थीं, तभी कुछ हथियारबंद लोग वहां पहुंचे. महिला का आरोप है कि हमलावरों ने दोनों को बांध दिया और एक कमरे में बंद कर दिया. इसके बाद मुख्य आरोपी लगातार उनके कंप्यूटर और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े खातों तक पहुंच की जानकारी मांगता रहा.
کیونکہ اغواکار اور زیادتی میں اسحاق ڈار کا نواسہ شامل تھا اس لئے سی سی ڈی کے ہیڈ چٹھہ کو یہاں ہاف فرائی فل فرائی یاد نہیں آیا
— Baba Yaga (@Dr_Morbius_) July 3, 2026
ورنہ کوئی عام ملزم ہوتا تو ڈی این اے رپورٹ اور چالان پیش کیے بغیر ہی اسکو رات کو قتل کردیا جاتا pic.twitter.com/sOueEHlIdE
कंप्यूटर और पैसों की मांग
पीड़िता के अनुसार, आरोपी बार-बार पूछ रहा था कि पैसे वाला कंप्यूटर कहां है. उन्होंने बताया कि कंप्यूटर एक हरे रंग के बैग में रखा था. इसके बाद आरोपी उनसे कंप्यूटर का पासवर्ड और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े पैसे निकालने की जानकारी मांगता रहा.
करीबियों से मांगी गई फिरौती
महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उनके मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर उनके परिवार और करीबियों को कई संदेश भेजे और पैसों की मांग की. शुरुआत में कोई जवाब नहीं मिला, लेकिन बाद में उनकी साथी स्टेफनी की मां ने बताया कि उन्होंने 1 लाख अमेरिकी डॉलर की व्यवस्था कर ली है. पीड़िता का दावा है कि आरोपी ने पैसे मिलने के बाद कहा कि अब दोनों महिलाओं को छोड़ दिया जाएगा.
रास्ते में हुआ हादसा, ऐसे बचीं दोनों महिलाएं
पीड़िता के मुताबिक, पैसे मिलने के बाद उन्हें उनके पासपोर्ट वापस दिए गए और एयरपोर्ट ले जाया जा रहा था. इसी दौरान जिस वाहन में दोनों महिलाएं थीं, उसका सड़क हादसा हो गया. मौके का फायदा उठाकर दोनों कार से बाहर निकल गईं और सड़क पर मदद के लिए चिल्लाने लगीं. उनकी आवाज सुनकर एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी वहां पहुंचा और दोनों महिलाओं को सुरक्षित बचा लिया.
मामले की जांच जारी
इस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच पाकिस्तान की संबंधित एजेंसियां कर रही हैं. फिलहाल अदालत में पीड़िता का बयान दर्ज हो चुका है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के नतीजों के आधार पर की जाएगी.
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