Ukraine Russia War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में एक गंभीर आरोप लगाया है कि रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले में इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन और मिसाइलों में पश्चिमी देशों की कंपनियों द्वारा निर्मित हजारों विदेशी पार्ट्स शामिल हैं. यह खुलासा यूक्रेन के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है क्योंकि इससे पता चलता है कि रूस को अपने युद्ध अभियानों के लिए जरूरी तकनीकी सामान किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से मिल रहा है.
जेलेंस्की ने कहा कि केवल पिछले दो रातों में रूस ने जो मिसाइलें और ड्रोन दागे, उनमें करीब 1 लाख से अधिक विदेशी पार्ट्स पाए गए. ये पार्ट्स अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया, नीदरलैंड, ताइवान और चीन जैसी देशों की कंपनियों द्वारा बनाए गए हैं. उन्होंने विशेष रूप से बताया कि लगभग 1,500 पार्ट्स इस्कंदर मिसाइलों में, 192 पार्ट्स किंजल मिसाइलों में और 405 पार्ट्स कालिब्र मिसाइलों में पाए गए हैं.
यहां यह भी ध्यान देने योग्य है कि अमेरिका और ब्रिटेन ने यूक्रेन को अब तक सबसे ज्यादा सैन्य सहायता दी है, जिसमें पिछले दो वर्षों में अमेरिका ने अकेले इजराइल को लगभग 21.7 अरब डॉलर (लगभग ₹1.93 लाख करोड़) की मदद दी है.
यूरोप के साथ जानकारी साझा, रूस के समर्थन में लगे प्रतिबंधों की तैयारी
जेलेंस्की ने बताया कि अमेरिकी कंपनियां मिसाइलों और ड्रोन के लिए आवश्यक उपकरण बनाती हैं, जबकि ब्रिटिश कंपनियां ड्रोन के उड़ान नियंत्रण के लिए जरूरी कंप्यूटर सिस्टम विकसित करती हैं. यूक्रेन ने यह जानकारी अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ साझा कर दी है और यूरोप रूस की मदद करने वाले देशों पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है.
जेलेंस्की ने दुनियाभर के देशों से अपील की है कि वे रूस को हथियार और जरूरी उपकरण मुहैया कराने वाले सप्लाई चैन को तुरंत रोक दें ताकि युद्ध में रूस की मदद न हो सके. उन्होंने विशेष रूप से G7 देशों से आग्रह किया है कि वे रूस पर लगी पाबंदियों को और सख्त करें और व्यापार की निगरानी बढ़ाएं.
चीन पर सैटेलाइट तस्वीरें मुहैया कराने का आरोप
यूक्रेनी खुफिया अधिकारी ओलेह अलेक्जेंड्रोव ने दावा किया है कि चीन रूस को सैटेलाइट तस्वीरें उपलब्ध करा रहा है, जिससे रूस को युद्ध में फायदा हो रहा है और वह यूक्रेनी ठिकानों को आसानी से निशाना बना पा रहा है.
हालांकि, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि रूस के पास अपने सैन्य अभियानों को संचालित करने के लिए सभी जरूरी संसाधन मौजूद हैं और किसी भी विदेशी मदद की जरूरत नहीं है.
वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंता, रूस पर कड़े कदम उठाने की मांग
रूस के हथियारों में विदेशी पार्ट्स पाए जाने के बाद इस मुद्दे ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है. यह मामला न केवल यूक्रेन युद्ध की जटिलताओं को बढ़ाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला युद्ध के मैदान तक सीधे जुड़ी हुई है.
राष्ट्रपति जेलेंस्की की यह अपील इस बात की गवाही है कि युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आर्थिक, तकनीकी और कूटनीतिक मोर्चों पर भी व्यापक संघर्ष का रूप ले चुका है. दुनियाभर के देश इस स्थिति को गंभीरता से ले रहे हैं और रूस के खिलाफ प्रतिबंधों को और कड़ा करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं.
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