SCO समिट में आमने-सामने होंगे राजनाथ सिंह और इशाक डार, भारत-पाकिस्तान के बीच किन मुद्दों पर होगी बात?

ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में 19 और 20 अक्टूबर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठकें हो रही हैं. इस दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार की मौजूदगी पर सबकी नजर है.

SCO summit Dushanbe Rajnath Singh and Ishaq Dar India Pakistan Dispute
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ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में 19 और 20 अक्टूबर को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठकें हो रही हैं. इस दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार की मौजूदगी पर सबकी नजर है. दोनों नेता ऐसे समय में वहां पहुंचे हैं, जब सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है.

राजनाथ सिंह एससीओ की रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जबकि इशाक डार शासनाध्यक्षों की बैठक में शामिल होने पहुंचे हैं. राजनाथ सिंह ने कहा कि बैठक में संस्कृति, संपर्क, अर्थव्यवस्था, निवेश, नई तकनीक और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा होगी. इसके अलावा संगठन के कामकाज में हुई प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी.

सिंधु जल संधि पर भारत का सख्त रुख

22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था. इससे पहले भी भारत ने 1960 में हुई इस संधि की समीक्षा और बदलाव को लेकर पाकिस्तान के सामने अपना पक्ष रखा था.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कई बार कह चुके हैं कि आतंकवाद और पानी का बंटवारा एक साथ नहीं चल सकता. भारत का रुख है कि सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंध बनाए रखना आसान नहीं है.

वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार भारत के इस फैसले का विरोध करते रहे हैं. पाकिस्तान इसे 1960 की संधि का उल्लंघन बताता है. ऐसे में सिंधु जल संधि दोनों देशों के बीच तनाव का बड़ा मुद्दा बनी हुई है.

क्या राजनाथ सिंह और इशाक डार की मुलाकात होगी?

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और पाकिस्तान के नेताओं के बीच मुलाकात को लेकर अक्सर चर्चा होती है. चीन में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच मुलाकात नहीं हुई थी.

ऐसे में दुशांबे में राजनाथ सिंह और इशाक डार की मुलाकात होगी या नहीं, इस पर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. हालांकि, भारत इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, सीमा पार आतंकवाद और जल सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अपना रुख रख सकता है.

SCO बैठक में भारत की प्राथमिकता क्या होगी?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुशांबे रवाना होने से पहले कहा था कि वह एससीओ मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने और क्षेत्रीय सुरक्षा व सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि सिंधु जल संधि को लेकर भारत अपने सख्त रुख में बदलाव करने के मूड में नहीं है. ऐसे में सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि एससीओ की बैठक के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता है या दोनों देशों के बीच बातचीत का कोई रास्ता निकलता है.