कोलकाता में दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच सप्तमी की शाम एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई. चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के पूजा पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. इसी दौरान तेज बारिश शुरू होने से पंडाल में भीड़ बढ़ गई और अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए. शुरुआती जानकारी में दुर्घटना में 17 लोगों की मौत की सूचना दी गई, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की खबर है. घायलों को इलाज के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है.
बारिश के बीच कैसे बिगड़े हालात?
पूजा आयोजकों के अनुसार, शाम करीब 7:30 बजे पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी हुई थी. बारिश से बचने के लिए लोग तेजी से पंडाल के भीतर दाखिल होने लगे, जिससे वहां भीड़ का दबाव बढ़ गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोगों ने पंडाल के एक हिस्से के गिरने की बात कही, जबकि अन्य लोगों का दावा है कि एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के प्रवेश करने से भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हुई. हालांकि, हादसे की सटीक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
पंडाल का हिस्सा गिरने और लोगों के कुचले जाने की आशंका
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के दौरान लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. इस दौरान कई लोग गिर पड़े और भीड़ के दबाव में उनके घायल होने की आशंका जताई गई. कुछ लोगों ने बताया कि पंडाल से बाहर निकलने वाले रास्ते पर बने गोलाकार कॉरिडोर में भी भीड़ जमा हो गई थी. इस रास्ते से बाहर निकलने के लिए लोगों को घूमकर जाना पड़ता है. स्थानीय लोगों ने भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन इंतजामों को लेकर सवाल उठाए हैं. उनके आरोपों के मुताबिक, मौके पर पर्याप्त एम्बुलेंस और प्रभावी राहत व्यवस्था नजर नहीं आई.
पूजा समिति की व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने आयोजन स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर नाराजगी जताई. कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि मौके पर पुलिस और स्वयंसेवक मौजूद होने के बावजूद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए. स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया कि पूजा कमेटी के सदस्य और एम्बुलेंस तत्काल सहायता के लिए उपलब्ध नहीं थे. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है. घटना के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने और राहत कार्यों को लेकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
अस्पताल पहुंचे सुवेंदु अधिकारी और समिक भट्टाचार्य
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे. चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति ने वर्ष 2026 के लिए अपने पूजा पंडाल की थीम ‘अरवा’ रखी है, जिसका अंग्रेजी अर्थ ‘Beyond Sound’ बताया गया है. इस थीम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पंडाल पहुंच रहे थे. हादसे के बाद अब भीड़ नियंत्रण, पंडाल की संरचना और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं. मौतों और घायलों की अंतिम संख्या तथा दुर्घटना की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी.
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