सऊदी अरब ने तैनात किया अमेरिकी एयर डिफेंस THAAD, ईरान को सता रहा डर!

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजरायल विवाद के बीच सऊदी अरब ने अपनी रक्षा क्षमताओं को और मज़बूत कर लिया है. हाल ही में सऊदी सेना ने अमेरिकी सेना की मदद से अत्याधुनिक THAAD (Terminal High Altitude Area Defense) मिसाइल रक्षा प्रणाली की पहली बैटरी को अपने क्षेत्र में तैनात कर लिया है.

Saudi arabia sets first american air defence system thad
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पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजरायल विवाद के बीच सऊदी अरब ने अपनी रक्षा क्षमताओं को और मज़बूत कर लिया है. हाल ही में सऊदी सेना ने अमेरिकी सेना की मदद से अत्याधुनिक THAAD (Terminal High Altitude Area Defense) मिसाइल रक्षा प्रणाली की पहली बैटरी को अपने क्षेत्र में तैनात कर लिया है. यह कदम सऊदी अरब के लिए सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है.

सऊदी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, उसकी सेना की एक यूनिट ने अमेरिका के फोर्ट ब्लिस मिलिट्री बेस में THAAD प्रणाली को ऑपरेट करने की पूरी ट्रेनिंग ली है. इस ट्रेनिंग के बाद सऊदी सैनिक अब दुनिया की सबसे एडवांस एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियों में से एक को खुद से संचालित करने में सक्षम हो चुके हैं.

क्यों खास है THAAD मिसाइल सिस्टम?

लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित THAAD प्रणाली, मध्यम और छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को अंतरिक्ष की ऊंचाई पर ही नष्ट कर देती है. इसकी विशेषताएं. 200 किलोमीटर तक की रेंज 150 किलोमीटर से अधिक ऊंचाई पर इंटरसेप्शन क्षमता. उच्च-सटीकता वाली हिट-टू-किल तकनीक, डिकॉय और मल्टीपल वारहेड जैसी चुनौतियों से निपटने में सक्षम. प्रत्येक बैटरी में 6-9 लॉन्चर, 8 इंटरसेप्टर मिसाइल, AN/TPY-2 X-बैंड रडार, फायर कंट्रोल सिस्टम

 

पैट्रियट सिस्टम के साथ काम करेगा THAAD

सऊदी अरब पहले से ही PAC-3 पैट्रियट सिस्टम का उपयोग कर रहा है, जो निचली ऊंचाई पर सुरक्षा देता है. अब THAAD की तैनाती से दोहरी परत वाली रक्षा प्रणाली तैयार हो गई है — ऊंचाई और रेंज दोनों स्तरों पर खतरों को नाकाम करने की क्षमता के साथ.

हाल ही में मिली डिलीवरी और सौदे

जुलाई 2025: सऊदी अरब को पहली THAAD बैटरी की डिलीवरी. फोर्ट ब्लिस: ऑपरेटर ट्रेनिंग पूरी. मई 2025: अमेरिका ने सऊदी को 3.5 अरब डॉलर में AIM-120C-8 AMRAAM मिसाइलों की बिक्री को दी मंजूरी

क्षेत्रीय रणनीतिक सन्दर्भ

ईरान के मिसाइल और ड्रोन कार्यक्रमों से बढ़ते खतरे को देखते हुए, रियाद इस कदम को सिर्फ रक्षा नहीं बल्कि एक रणनीतिक संकेत के रूप में भी देख रहा है. THAAD की तैनाती सऊदी की इस मंशा को स्पष्ट करती है कि वह अब सिर्फ उन्नत हथियारों का ग्राहक नहीं बल्कि एक सक्षम ऑपरेटर भी बनना चाहता है.

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