समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता आजम खान 23 महीने के बाद जेल से रिहा हो गए हैं. उत्तर प्रदेश की सीतापुर जेल से उनकी रिहाई हुई है. आजम खान के खिलाफ दर्ज 72 मुकदमों में रिहाई के आदेश सीतापुर जेल को मिले थे. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें रिहा किया गया है. उन्हें जेल से बाहर आने के बाद रिसीव करने के लिए बड़ी तादाद में समर्थकों हुजूम सीतापुर जेल के बाहर पहुंचा है.
जानकारी के अनुसार आजाम खान को सभी मामलों में जमानत मिल गई. खान को लेने के लिए बेटे अब्दुल्ला, अदीब आजम खान सहित उनके समर्थक पहुंचे. इस दौरान सीतापुर जेल प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए.
उस मामले में मिल चुकी है जमानत
वहीं इस मामले में आजम खान के वकील जुबैर अहमद खान का भी बयान सामने आया है. उनका कहना है कि रामपुर की ओर से पिछले हफ्ते आजम खान के खिलाफ 2020 में एक FIR दर्ज की गई थी और तीन आरोप लगाए गए थे. जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. वकील ने बताया कि इन्हीं मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है.पहले भी पुलिस ने एक मामले में कुछ अतिरिक्त धाराएं लगाई थीं, जिस पर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया गया और जमानत मिली थी.
100 से अधिक केस दर्ज
बात करें उनपर दर्ज आरोपों की तो 26 फरवरी 2020 को रामपुर की अदालत में उन्होंने खुद ही सरेंडर किया था. जिसके बाद उन्हें जालसाजी के एक मामले में जेल भेजा गया था. इतना ही नहीं इसके बाद उनकी पत्नी और बेटे को सीतापुर की जेल भेजा गया था. कुछ समय के बाद उनके बेटे और पत्नी को जेल से रिहाई मिल गई थी. वहीं आजम खान को रिहाई नहीं दी गई थी. 2020 के बाद 2023 में उन्हें जमानत मिली जिसके बाद सपा नेता रिहा भी हुए. लेकिन अक्टूबर में एक बार फिर उनके खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया गया. जिसके बाद उन्हें सीतापुर की कोर्ट में फिर से सरेंडर किया गया. वहां से उन्हें वापस सीतापुर जेल भेजा गया, जहां वे तब से रह रहे थे. पुलिस के पास दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार उनपर 111 आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें से सात मामलों में अंतिम रिपोर्ट लग चुकी है, एक मामले को कोर्ट में बरी हो गए है और नौ मामले सपा सरकार ने वापस ले लिए थे.
यह भी पढ़ें: 23 महीने बाद सीतापुर जेल से बाहर आएंगे आज़म खान, सियासी पिच पर बसपा में एंट्री की सुगबुगाहट तेज़