Victoria Basu Case: भारत और रूस की दशकों पुरानी दोस्ती पर अचानक एक पारिवारिक विवाद ने कड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. इस विवाद की नायिका हैं रूसी नागरिक विक्टोरिया बसु, जिन्होंने अपने चार साल के बेटे के साथ भारत छोड़कर नेपाल होते हुए रूस वापसी कर ली. मामला इतना संवेदनशील बन गया कि सुप्रीम कोर्ट ने इसे लेकर भारत-रूस संबंधों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव पर चिंता जताई.
भारत और रूस इस साल अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल मना रहे हैं. वहीं दिसंबर में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा भी तय है. ऐसे में यह पारिवारिक विवाद अब सिर्फ निजी मामला नहीं रह गया, बल्कि राजनयिक संवेदनशीलता का विषय बन गया है. रूसी दूतावास ने मीडिया में चल रही खबरों को अटकलों पर आधारित बताते हुए कहा कि वह अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा कर रहा है और भारत सरकार के संपर्क में है.
we maintain close contact with the competent Indian authorities, says @RusEmbIndia on case of Victoria Basu.
— Abhishek Jha (@abhishekjha157) November 1, 2025
Victoria, estranged wife to an Indian, is alleged to have fled to Russia via Nepal with their 4 year old child, amidst the custody battle. pic.twitter.com/QN0kCYTkmc
विक्टोरिया बसु कौन हैं और विवाद की कहानी
विक्टोरिया बसु रूस की नागरिक हैं और 2019 में भारत आई थीं. उनकी शादी भारतीय नागरिक सायकत बसु से हुई थी. दोनों के बीच मतभेद बढ़े और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. विवाद मुख्यतः उनके बच्चे की कस्टडी से जुड़ा था. अदालत में सुनवाई चल ही रही थी कि विक्टोरिया अपने बेटे के साथ भारत छोड़कर नेपाल होते हुए रूस चली गईं.
सेंट्रल एजेंसियों के मुताबिक, विक्टोरिया का वीज़ा पहले ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा बढ़ाया गया था ताकि सुनवाई पूरी हो सके, लेकिन उन्होंने अदालत की जानकारी के बिना देश छोड़ दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराजगी
जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा, “हम ऐसा कोई आदेश नहीं देना चाहते जिससे भारत-रूस संबंधों पर असर पड़े, लेकिन यह एक बच्चे का मामला है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.” कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि रूसी दूतावास की ओर से ठोस मदद क्यों नहीं मिल रही.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को दो हफ्ते का समय देते हुए कहा कि बच्चे की भलाई और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए. अदालत ने चेतावनी दी कि यदि विक्टोरिया ने आदेश की अवहेलना की है, तो कठोर कदम उठाए जाएंगे.
भारत सरकार और दिल्ली पुलिस की सक्रिय कोशिशें
विदेश मंत्रालय (MEA) और दिल्ली पुलिस इस मामले में मिलकर काम कर रहे हैं. भारत सरकार ने मॉस्को में भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क साधा है. साथ ही नेपाल में उन लोगों से पूछताछ की जा रही है, जिनके द्वारा विक्टोरिया की मदद की जानकारी मिली है. रूस के बैंक से भी जानकारी मांगी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला.
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