जेलेंस्की ने इस्तीफा देने का किया ऐलान! लेकिन सामने रख दी ये शर्त, इस देश को लेकर भी कही बड़ी बात

Russia Ukraine War: यूक्रेन और रूस के बीच करीब चार साल से जारी संघर्ष के बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर रूस के खिलाफ यह युद्ध समाप्त हो जाता है, तो वह राष्ट्रपति पद से हटने के लिए तैयार हैं.

Russia Ukraine war Zelensky announces his resignation but sets a condition know more
Image Source: Social Media

Russia Ukraine War: यूक्रेन और रूस के बीच करीब चार साल से जारी संघर्ष के बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर रूस के खिलाफ यह युद्ध समाप्त हो जाता है, तो वह राष्ट्रपति पद से हटने के लिए तैयार हैं. जेलेंस्की का कहना है कि उनका सबसे बड़ा उद्देश्य युद्ध को खत्म करना है और जब यह मकसद पूरा हो जाएगा, तो वे इस पद पर बने रहने की इच्छा नहीं रखते.

जेलेंस्की ने एक प्रमुख न्यूज वेबसाइट 'Axios' को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि उनकी इच्छा युद्ध के बाद देश की बागडोर छोड़ने की है. उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना है, न कि सत्ता की दौड़ में बने रहना. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर रूस के साथ युद्ध विराम (सीजफायर) होता है, तो वे यूक्रेन की संसद से चुनाव कराने का आग्रह करेंगे ताकि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल हो सके.

जब उनसे यह पूछा गया कि क्या युद्ध खत्म होने के बाद वे राष्ट्रपति पद छोड़ देंगे, तो उन्होंने खुलकर कहा कि वे इस पद से हटने को तैयार हैं. उनका मानना है कि युद्ध की समाप्ति ही उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है, और जब वह पूरा हो जाएगा, तो उन्हें पद की लालसा नहीं रहेगी.

चुनाव और सुरक्षा स्थिति

यूक्रेन में युद्ध के कारण पिछले कई वर्षों से चुनाव स्थगित हैं, जिससे देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बाधित हुई है. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने माना कि वर्तमान सुरक्षा हालात और देश का संविधान चुनाव कराने में कई तरह की चुनौतियां खड़ी करता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव संभव हैं और सही सुरक्षा इंतजामों के साथ इसे किया जा सकता है.

उनका यह भी कहना है कि लोग ऐसे नेता की तलाश में हैं जो देश में स्थायी शांति स्थापित कर सके और आवश्यक फैसले लेकर यूक्रेन को सुरक्षित भविष्य दे सके. जेलेंस्की ने बताया कि अगर रूस के साथ सीजफायर होता है, तो वह इस समय का उपयोग चुनाव कराने के लिए करेंगे और संसद को चुनाव कराने के निर्देश देंगे.

ट्रंप से मुलाकात के बाद की बातें

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) से कीव लौटने से पहले जेलेंस्की ने न्यूयॉर्क में 'Axios' को यह इंटरव्यू दिया. उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने ट्रंप को बताया कि अगर सीजफायर होता है, तो वे इसे चुनाव कराने के लिए उपयुक्त समय मानेंगे. जेलेंस्की ने ट्रंप से कहा कि इस समय का उपयोग चुनाव कराने के लिए किया जा सकता है और संसद को चुनाव कराने का संकेत दिया जाएगा.

कार्यकाल की अवधि और लोकप्रियता

वोलोदिमीर जेलेंस्की मई 2019 में भारी बहुमत से चुने गए थे, उनका पांच साल का कार्यकाल मई 2024 में समाप्त होने वाला था. यदि रूस के साथ युद्ध नहीं होता तो उनका कार्यकाल नियत समय पर खत्म हो जाता. युद्ध की शुरुआत में उनकी लोकप्रियता 90 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जो युद्ध के लंबे समय तक चलने के कारण थोड़ी घट गई है. हालांकि, हाल के कई सर्वेक्षणों में यह देखा गया है कि उनकी लोकप्रियता अब भी 60 प्रतिशत से ऊपर है.

फरवरी 2024 में डोनाल्ड ट्रंप ने यह दावा किया था कि जेलेंस्की की लोकप्रियता घटकर मात्र 4 प्रतिशत रह गई है, लेकिन यह दावा अधिकांश सर्वेक्षणों से मेल नहीं खाता.

आंतरिक चुनौतियां और विरोध

जुलाई 2023 में जेलेंस्की की पार्टी के सहयोगियों ने यूक्रेन की स्वतंत्र भ्रष्टाचार-विरोधी एजेंसियों को कमजोर करने का प्रयास किया, जिससे जेलेंस्की को घरेलू स्तर पर विरोध का सामना करना पड़ा. हालांकि बाद में इस कदम को वापस ले लिया गया, लेकिन इस घटना ने देश में लोकतांत्रिक प्रगति को लेकर सवाल उठाए.

युद्ध के बीच चुनाव पर पाबंदी

यूक्रेन के संविधान के अनुसार, मार्शल लॉ की स्थिति में चुनावों पर प्रतिबंध होता है. जेलेंस्की की पार्टी के संसद में बड़े बहुमत को देखते हुए यदि वे चुनाव कराने के लिए कोई विधेयक लाते हैं, तो उसे आसानी से पारित किया जा सकता है. लेकिन देश की वर्तमान सुरक्षा स्थिति और युद्ध की जटिलताओं के कारण चुनावों का आयोजन करना बेहद चुनौतीपूर्ण है.

यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत क्षेत्र पर रूस का नियंत्रण है, और लाखों यूक्रेनी नागरिक विस्थापित हो चुके हैं. अगर मॉस्को चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालता है, तो पूरे देश में हिंसा और अशांति फैलने की संभावना है.

चुनाव कराने की संभावनाएं

जेलेंस्की का मानना है कि अगर युद्ध विराम की स्थिति बनती है, तो सुरक्षा की स्थिति चुनाव कराने के लिए अनुकूल हो सकती है. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि युद्ध विराम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चुनाव कराने की अनुमति दे सकती है, और यह संभव हो सकता है."

यह भी पढ़ें- ईरान शुरू कर रहा रहस्यमय अभियान? ईरान के दुश्मन को घातक जवाब देने की दी चेतावनी!