दुनिया की सबसे तेज मिसाइल अब हवा से भी वार करेगी. रूस ने अपने अत्याधुनिक फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट Su-57 से हाइपरसोनिक Zircon मिसाइल दाग कर साफ कर दिया है कि वह अमेरिका की सैन्य तकनीक को पीछे छोड़ने की होड़ में किसी भी हद तक जा सकता है. यह परीक्षण न केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन था, बल्कि एक स्पष्ट संदेश भी कि रूस अब युद्ध की परंपरागत परिभाषाएं बदलने को तैयार है.
रूसी रक्षा विभाग के अनुसार, Zircon मिसाइल को अब Su-57 जैसे एडवांस फाइटर जेट से सफलतापूर्वक फायर किया गया है. इस मिसाइल की गति Mach 9 (यानी लगभग 11,000 किमी/घंटा) है. इसकी रेंज 1000 किलोमीटर है, और यह इतनी तेज है कि दुश्मन के रडार को इसे ट्रैक करने या इंटरसेप्ट करने का मौका तक नहीं मिलता.
‘मच 9’ की रफ्तार, इंटरसेप्ट करना नामुमकिन
पहले यह मिसाइल केवल युद्धपोतों और पनडुब्बियों के लिए तैयार की गई थी, लेकिन अब इसे हवा से दागे जाने वाला हथियार भी बना दिया गया है. इसके साथ, रूस ने अपनी हवाई हमलावर क्षमता को कई गुना बढ़ा लिया है.
Su-57 अब ‘सुपर स्ट्राइक सिस्टम’
Su-57 पहले से ही रूस का सबसे आधुनिक स्टील्थ फाइटर है, जिसे रडार पकड़ नहीं पाता. अब जब इस जेट को Zircon जैसी मिसाइल से लैस किया गया है, तो यह किसी भी रणनीतिक लक्ष्य को बिना वार्निंग के खत्म करने की क्षमता रखता है. Zircon मिसाइल को Su-57 के इंटरनल वेपन बे में फिट किया गया है, जिससे इसकी स्टील्थ क्षमता और भी बढ़ गई है. इसका मतलब यह है कि किसी देश का एयर डिफेंस सिस्टम इसे न तो देख पाएगा और न ही समय रहते प्रतिक्रिया दे पाएगा.
अमेरिका को सीधी चुनौती
रूस के इस कदम को सीधे अमेरिका के ‘हाइपरसोनिक ड्रीम’ के खिलाफ देखा जा रहा है. अमेरिका की सबसे तेज मिसाइल SM-6 की गति मात्र Mach 3.5 है, जबकि उसकी रेंज भी केवल 450 किमी तक सीमित है. रूस ने अब न केवल रफ्तार में बाजी मारी है, बल्कि हवा से हाइपरसोनिक हमला करने की क्षमता भी हासिल कर ली है वो भी स्टील्थ फाइटर के जरिये.
भारत की रणनीतिक सोच: क्या Su-57 खरीद सकता है भारत?
जहां अमेरिका और रूस अपने-अपने हथियारों की ताकत दिखा रहे हैं, वहीं भारत सावधानी और रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है. बीते वर्षों में अमेरिका ने भारत को F-35 फाइटर जेट बेचने की भरपूर कोशिश की, लेकिन भारत ने जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया.
रूस की ओर से भी भारत को Su-57 खरीदने का प्रस्ताव दिया गया है. भारत का रक्षा मंत्रालय हमेशा से ऐसे निर्णयों में ‘देश की रणनीतिक जरूरतों और दीर्घकालिक लाभ’ को प्राथमिकता देता है. ऐसे में Su-57 की मारक क्षमता भारत का ध्यान जरूर खींच सकती है, लेकिन भारत वही खरीदेगा जो उसकी रक्षा नीति और आत्मनिर्भर भारत अभियान के साथ मेल खाता हो.
Zircon मिसाइल की खासियतें एक नजर में
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