कभी Microsoft के लिए कोड लिखता था, आज रूस में सड़क साफ करता है… सैलरी सुनकर चौंक जाएंगे!

भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग को आज भी करियर का सबसे सुरक्षित और सम्मानजनक विकल्प माना जाता है. बेहतर पैकेज, कॉर्पोरेट लाइफ और ग्लोबल पहचान—युवाओं के सपनों में यही तस्वीर होती है.

Russia Street Cleaners earnings make you surprised know earning details
Image Source: Freepik

भारत में सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग को आज भी करियर का सबसे सुरक्षित और सम्मानजनक विकल्प माना जाता है. बेहतर पैकेज, कॉर्पोरेट लाइफ और ग्लोबल पहचान—युवाओं के सपनों में यही तस्वीर होती है. लेकिन रूस से सामने आई एक रिपोर्ट ने इस सोच को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है. यहां एक भारतीय युवक, जो कभी सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर काम करता था, अब सड़कों की सफाई कर रहा है और इसके बदले उसे हर महीने अच्छी-खासी आमदनी मिल रही है.


LiveMint की रिपोर्ट के अनुसार, 26 वर्षीय यह भारतीय नागरिक रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर में नगर सफाई का काम कर रहा है. बताया जा रहा है कि वह पहले आईटी सेक्टर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर कार्यरत था और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी टेक कंपनियों से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुका है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि वह सीधे माइक्रोसॉफ्ट का कर्मचारी था या किसी थर्ड पार्टी फर्म के जरिए प्रोजेक्ट्स संभाल रहा था, जो आईटी इंडस्ट्री में आम बात है.

अकेली नहीं है यह कहानी

यह मामला जितना चौंकाने वाला लगता है, उतना ही यह संकेत भी देता है कि करियर के रास्ते बदल रहे हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस समय रूस में करीब 17 भारतीय नागरिक सड़क सफाई जैसे कामों में लगे हुए हैं. इन सभी की पृष्ठभूमि अलग-अलग रही है—कोई वेडिंग प्लानिंग से जुड़ा था, कोई ड्राइवर रह चुका था, तो कोई आर्किटेक्चर जैसे प्रोफेशन में काम कर चुका है. बताया जा रहा है कि ये सभी लोग लगभग चार महीने पहले रूस पहुंचे थे.

रूस में श्रमिकों की कमी और विदेशी कामगार

रूस में फिलहाल कई सेक्टर्स में कामगारों की भारी कमी देखने को मिल रही है. स्थानीय स्तर पर श्रम उपलब्ध न होने के चलते वहां की कंपनियां विदेशी कामगारों की भर्ती कर रही हैं. सेंट पीटर्सबर्ग की एक निजी कंपनी ने इन भारतीय नागरिकों को नौकरी दी है, जहां उन्हें सिर्फ काम ही नहीं, बल्कि रहने, खाने और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही हैं.

कितनी हो रही है कमाई?

अगर सैलरी की बात करें, तो इन सफाईकर्मियों को हर महीने लगभग 1 लाख से 1.1 लाख रुपये तक की कमाई हो रही है. भारतीय संदर्भ में यह रकम काफी आकर्षक मानी जाती है, खासकर तब जब रहने और खाने जैसी सुविधाएं कंपनी की ओर से दी जा रही हों. यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति के करियर बदलाव की नहीं, बल्कि उस सोच को चुनौती देने वाली है, जिसमें किसी पेशे को छोटा या बड़ा मान लिया जाता है. बदलते वैश्विक हालात में शायद अब काम की अहमियत उसकी प्रकृति से ज्यादा, उसकी स्थिरता और सम्मानजनक कमाई से आंकी जा रही है.

यह भी पढ़ें: US ने अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी, इन 21 देशों में न करें यात्रा, क्या लिस्ट में भारत भी शामिल?