Israel Iran War: मध्य पूर्व में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं, जब शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया. इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है, और कई देशों ने इसका कड़ा विरोध किया है. रूस की विदेश मंत्रालय प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने इन हमलों की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसी कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय कानून को कमजोर कर रही हैं.
मारिया जखारोवा ने अपने बयान में कहा कि रूस सभी पक्षों से अपील करता है कि वे राजनीतिक और कूटनीतिक रास्ते अपनाएं. उन्होंने चेतावनी दी कि पिछले कुछ महीनों में अमेरिका द्वारा किए गए ये हमले वैश्विक स्थिरता को खतरे में डाल रहे हैं. जखारोवा ने कहा, “हम हमेशा शांतिपूर्ण समाधान खोजने और मध्यस्थता करने के लिए तैयार हैं. अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने वाले कदम गंभीर परिणाम पैदा कर सकते हैं.”
अंतरराष्ट्रीय कानून पर खतरा
जखारोवा ने विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय कानून की मान्यता पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ये हमले दूसरे देशों की संप्रभुता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप को बढ़ावा देते हैं, और बल या धमकी का उपयोग करते हुए विवादों को हल करने की प्रक्रिया को कमजोर करते हैं. रूस ने स्पष्ट किया कि किसी भी विवाद को शांति और कूटनीति के जरिए हल करना ही सही तरीका है.
परमाणु अप्रसार और NPT व्यवस्था पर प्रभाव
रूस ने इस बात पर भी चिंता जताई कि अमेरिकी-इजरायली हमले वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था (NPT) को नुकसान पहुंचा सकते हैं. जखारोवा ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देने का बहाना बनाकर राजनीतिक हित साध रहे हैं. उनका कहना था कि ये हमले केवल ईरान की संवैधानिक व्यवस्था और नेतृत्व को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए हैं, न कि अप्रसार को बनाए रखने के लिए.
ईरान का नेतृत्व कमजोर करना
रूसी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल का मकसद साफ है: ईरान के नेतृत्व और संवैधानिक ढांचे को खत्म करना. उन्होंने चेतावनी दी कि इस मानव-निर्मित संकट के नकारात्मक नतीजे क्षेत्र में हिंसा और अस्थिरता को बढ़ा सकते हैं. रूस का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इन गैर-जिम्मेदाराना कार्रवाइयों का निष्पक्ष मूल्यांकन करना चाहिए, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखा जा सके.
क्षेत्रीय और वैश्विक प्रभाव
मारिया जखारोवा ने कहा कि इन हमलों के कारण अनपेक्षित प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं और हिंसा बढ़ सकती है. उन्होंने अमेरिका और इजरायल से अपील की कि वे इस तनावपूर्ण स्थिति को बढ़ावा न दें और तुरंत कूटनीतिक समाधान की दिशा में कदम उठाएं. रूस का कहना है कि दुनिया को इन कार्रवाइयों के गंभीर परिणामों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे केवल मध्य पूर्व ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है.
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