हिल गई रूस की धरती, 8.8 तीव्रता से आए भूकंप ने लोगों में फैलाई दहशत; तस्वीरों में देखें खौफनाक मंजर

Russia Earthquake: प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से खतरनाक माने जाने वाले रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में एक बार फिर धरती कांप उठी है. रूस के सुदूर पूर्वी हिस्से, कामचटका प्रायद्वीप में बुधवार को जबरदस्त भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 8.8 मापी गई. इस तेज झटके के चलते कई इलाकों में दहशत फैल गई.

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Russia Earthquake: प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से खतरनाक माने जाने वाले रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में एक बार फिर धरती कांप उठी है. रूस के सुदूर पूर्वी हिस्से, कामचटका प्रायद्वीप में बुधवार को जबरदस्त भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 8.8 मापी गई. इस तेज झटके के चलते कई इलाकों में दहशत फैल गई. भूकंप के बाद न सिर्फ रूस, बल्कि जापान, अमेरिका, न्यूजीलैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी सुनामी का खतरा मंडराने लगा है.

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, यह शक्तिशाली भूकंप कामचटका के पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की शहर से 133 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में, जमीन के 74 किलोमीटर नीचे आया. भले ही फिलहाल जानमाल के बड़े नुकसान की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरें इस आपदा की गंभीरता को दिखा रहे हैं. घरों के अंदर से रिकॉर्ड किए गए कई वीडियो में फर्नीचर हिलते दिख रहे हैं, दीवारें चरमराती नजर आ रही हैं.

सुनामी लहरों की दस्तक

रूसी तटीय क्षेत्रों में समुद्र के जल स्तर में खतरनाक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कुछ इलाकों में तो पहली सुनामी लहरें टकरा भी चुकी हैं, जिससे किनारे बसे शहरों में अलर्ट जारी कर दिया गया है. लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों की ओर जाने की सलाह दी गई है.

जापान, अमेरिका और न्यूजीलैंड भी अलर्ट

जापान की मौसम एजेंसी ने भूकंप की शुरुआती तीव्रता 8.0 बताई थी, जिसे बाद में 8.8 तक संशोधित किया गया. एजेंसी ने चेतावनी दी कि जापान के प्रशांत तट पर 1 मीटर तक ऊंची सुनामी लहरें उठ सकती हैं. एनएचके टेलीविजन के अनुसार, भूकंप का केंद्र जापान के होक्काइडो द्वीप से लगभग 250 किलोमीटर दूर था, हालांकि वहां असर अपेक्षाकृत हल्का महसूस किया गया. उधर, अमेरिका के अलास्का, कैलिफोर्निया, ओरेगन, वाशिंगटन और हवाई जैसे तटीय राज्यों में भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. अलास्का के अल्यूशियन द्वीप समूह को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया गया है.

इंडोनेशिया और न्यूजीलैंड की तैयारी

न्यूजीलैंड की नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (NEMA) ने भी लोगों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है. एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यह भूकंप अनियमित और खतरनाक समुद्री लहरों का कारण बन सकता है. वहीं, इंडोनेशिया की जियोफिजिक्स एजेंसी ने बताया कि देश के कुछ तटीय इलाकों में 0.5 मीटर तक ऊंची लहरें आ सकती हैं. मछुआरों और तटीय निवासियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.

कामचटका में पहले भी आ चुके हैं विनाशकारी भूकंप

गौरतलब है कि कामचटका प्रायद्वीप भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है. जुलाई की शुरुआत में यहां समुद्र के अंदर 7.4 तीव्रता तक के भूकंप दर्ज किए गए थे. इससे पहले, 4 नवंबर 1952 को यहां 9.0 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसने हवाई तक को प्रभावित किया था. उस वक्त समुद्र में उठी लहरें 9.1 मीटर तक ऊंची गई थीं, हालांकि सौभाग्य से जान का नुकसान नहीं हुआ था.

फिलहाल स्थिति पर नजर

रूसी प्रशासन, अंतरराष्ट्रीय भूकंप केंद्र और सुनामी निगरानी एजेंसियां मिलकर हालात पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं. राहत और बचाव टीमें सतर्क हैं, और लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में पहुंचाने की कोशिशें जारी हैं. यह भूकंप न सिर्फ रूस, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि प्रकृति के सामने तकनीक भी असहाय हो सकती है. ऐसे में समय रहते तैयारी और जागरूकता ही एकमात्र उपाय है.

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