रोहित को 2027 WC प्लान से किया जा रहा बाहर? इन 3 वजहों से खत्म हो सकता है ODI करियर, जानें संन्यास के पीछे कारण

Rohit Sharma Retirement: रोहित शर्मा के इंटरनेशनल करियर पर संकट? ये 3 वजहें बन सकती हैं आखिरी मैच का कारण

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Rohit Sharma Retirement: भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. इंग्लैंड दौरे पर खेली जा रही वनडे सीरीज के बीच ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि लॉर्ड्स में 19 जुलाई को होने वाला तीसरा वनडे मुकाबला रोहित शर्मा के इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच साबित हो सकता है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम इंडिया मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं ने रोहित शर्मा को लेकर अपनी भविष्य की योजनाओं के संकेत दे दिए हैं. बताया जा रहा है कि 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए टीम नए विकल्पों की ओर बढ़ सकती है. हालांकि, इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी को वर्ल्ड कप की योजना से बाहर रखने की चर्चा ने क्रिकेट फैंस के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर ऐसा क्या बदल गया कि जिस खिलाड़ी ने भारत को कई यादगार जीत दिलाई, उसके भविष्य पर सवाल उठने लगे? इसके पीछे तीन बड़ी वजहें मानी जा रही हैं.

फिटनेस बनी रोहित शर्मा के लिए सबसे बड़ी चुनौती

रोहित शर्मा के करियर को लेकर सबसे बड़ी चिंता उनकी फिटनेस को लेकर सामने आ रही है. पिछले कुछ समय में रोहित ने अपनी फिटनेस पर काफी काम किया है और अपना वजन भी कम किया है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इंजरी की समस्या उनके लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. आईपीएल 2026 के दौरान भी रोहित शर्मा चोट से जूझते नजर आए थे. हैमस्ट्रिंग इंजरी के कारण उन्हें कुछ मुकाबलों से बाहर बैठना पड़ा था. चोट की वजह से उनकी उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं. वनडे क्रिकेट जैसे लंबे फॉर्मेट में लगातार फिट रहना बेहद जरूरी होता है. ऐसे में चयनकर्ता भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे खिलाड़ियों पर भरोसा करना चाहते हैं, जो लंबे समय तक टीम के लिए उपलब्ध रह सकें.

खराब फॉर्म ने बढ़ाई चिंता

रोहित शर्मा के भविष्य पर सवाल उठने की दूसरी बड़ी वजह उनकी मौजूदा फॉर्म है. साल 2026 में वनडे क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है. इस साल रोहित शर्मा ने 8 वनडे पारियों में करीब 30 की औसत से 241 रन बनाए हैं. उनके बल्ले से बड़ी पारियां देखने को नहीं मिली हैं. इसके अलावा उनके स्ट्राइक रेट में भी गिरावट दर्ज की गई है. कप्तानी के दौरान रोहित शर्मा आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते थे. पावरप्ले में उनका स्ट्राइक रेट 120 के आसपास रहता था और वह शुरुआत में ही विपक्षी टीम पर दबाव बना देते थे. लेकिन कप्तानी छोड़ने के बाद उनके बल्लेबाजी अंदाज में बदलाव देखने को मिला है. चैंपियंस ट्रॉफी के बाद रोहित के स्ट्राइक रेट में भी गिरावट आई है, जो टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय हो सकता है.

युवा खिलाड़ियों के आने से बढ़ी प्रतिस्पर्धा

रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर तीसरी बड़ी वजह भारतीय टीम में मौजूद युवा विकल्प हैं. टीम इंडिया अब धीरे-धीरे अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. यशस्वी जायसवाल वनडे क्रिकेट में तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं. उन्होंने शुरुआती मुकाबलों में ही शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी क्षमता साबित की है. वनडे क्रिकेट में उनका औसत भी काफी प्रभावशाली रहा है और वह भविष्य के लिए मजबूत विकल्प माने जा रहे हैं.

इसके अलावा ईशान किशन भी टीम इंडिया के लिए एक अहम विकल्प हैं. ईशान ने वनडे क्रिकेट में शानदार पारियां खेली हैं और उनके नाम दोहरा शतक भी दर्ज है. विकेटकीपिंग की क्षमता उन्हें टीम के लिए और ज्यादा उपयोगी बनाती है. अगर चयनकर्ता 2027 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हैं, तो युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके देने की रणनीति अपनाई जा सकती है.

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